
हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट के बीच भारी बारिश से काफी तबाही हुई है। सोलन जिले में देर रात बादल फटने से बाढ़ के साथ आए मलबे में दो मकान और एक गौशाला बह गई। बादल फटने की इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि तीन लोग लापता हैं। टीम ने पांच लोगों को बचा लिया है।
बताया जा रहा है कि सोलन जिले के गांव जादोन डाकघर में बादल फटने की घटना हुई। इससे दो मकान और एक गौशाला बह गई। जडौण गांव में रती राम और इसके बेटे हरनाम के दो मकान भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गए। इसमें सात लोगों की मौत हो चुकी है। चार पुरूष और तीन महिलाएं शामिल हैं।
मृतकों में यह लोग शामिल
बता दें कि जिन लोगों की मौत हुई है उनमें हरनाम (38),कमल किशोर (35), राहुल (14), हेमलता (34), नेहा (12), गोलू (8), रक्षा (12) शामिल हैं। एक महिला कांता देवी की टांग टूट गई है। उसे इलाज के लिए भेजा गया है। जबकि पांट लोग ठीक है। इसके साथ ही पड़ोस के गांव जाबल में गौशाला गिरने से पांच पशु मर गए।
शोघी-मेहली सड़क अवरूद्ध
वहीं शिमला में अड्डा विला पार्किंग चितकारा पार्क रोड ब्लॉक के पास भूस्खलन हो गया है। शिमला शहर में शोघी-मेहली सड़क अवरूद्ध है। फागली-खलिनी सड़क लालपानी पुल पर बंद है। एडवर्ड स्कूल के पास हिमलैंड- बैम्ब्लो रोड अवरूद्ध है। विकासनगर-छोटा शिमला मार्ग भी बंद हो गया है।
मंडी की मझबाड़ पंचायत में बादल फटा
उधर मंडी की मझबाड़ पंचायत में बादल फटा है। दो आदमी मलबे में दब गए हैं, जबकि यहां कुछ लापता हैं। जिनकी तलाश जारी है। यहां पर भारी बारिश ने तबाही मचाई है। घुमारवीं के तियूनखास तियूड़ी गांव में रात को भूस्खलन हो गया। इसको लेकर लगभग 11 परिवारों के घर खाली करवाए गए हैँ।