
सोशल मीडिया पर वायरल हरीश रावत का AI वीडियो को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गुरुवार को इसके विरोध में भाजपा मुख्यालय तक एकांकी मार्च निकाला। हालांकि पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही बैरिकेड लगाकर रोक दिया, जिसके बाद वह अपने समर्थकों के साथ सड़क पर बैठ गए।
AI वीडियो विवाद पर सड़क पर उतरे हरीश रावत
मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने पर हरीश रावत सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि AI से तैयार किए ऐसे वीडियो न केवल लोकतंत्र के लिए खतरा हैं, बल्कि राजनीतिक विरोधियों की छवि खराब करने का नया हथियार बनते जा रहे हैं।
हिंदू-मुस्लिम राजनीति तक ही सीमित है bjp का चुनावी एजेंडा
रावत का कहना है कि इस तरह के वीडियो देश की सामाजिक एकता और सद्भावना को तोड़ने की कोशिश करते हैं। हरदा ने कहा बीजेपी का चुनावी एजेंडा सिर्फ हिंदू-मुस्लिम राजनीति तक ही सीमित है, ताकि बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था, महिलाओं पर अत्याचार, कुपोषण और पलायन जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।
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