हरक सिंह रावत के नए बयान से कांग्रेस में हलचल, मैदानी सीट से चुनाव लड़ने के दिए संकेत

उत्तराखंड की राजनीति में अपने बयानों और सियासी रणनीतियों से लगातार चर्चा में रहने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिसने कांग्रेस के भीतर नई राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हरक सिंह रावत ने साफ संकेत दिए हैं कि इस बार वह किसी मैदानी सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस के कई नेताओं की राजनीतिक गणित बिगड़ती नजर आने लगी है।
हरक सिंह रावत ने दिए मैदानी सीट से चुनाव लड़ने के संकेत
दरअसल, कांग्रेस संगठन इन दिनों आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने में जुटा हुआ है। पार्टी नेतृत्व वरिष्ठ नेताओं से उनकी पसंदीदा सीटों और राजनीतिक संभावनाओं को लेकर राय ले रहा है। इसी कड़ी में हरक सिंह रावत से भी चुनावी सीट को लेकर चर्चा की गई। हालांकि उन्होंने अभी किसी एक सीट का नाम सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन यह जरूर कहा कि अगले एक-दो सप्ताह में वह खुद तय कर लेंगे कि उन्हें किस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना है।
हाईकमान का होगा अंतिम फैसला
हरक सिंह रावत ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान का होगा, लेकिन वह अपनी इच्छा नेतृत्व के सामने रखेंगे। उनके इस बयान ने कांग्रेस के भीतर अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि हरक सिंह की नजर देहरादून और आसपास की प्रभावशाली मैदानी सीटों पर हो सकती है। खास तौर पर डोईवाला और धर्मपुर जैसी सीटों के नाम तेजी से चर्चाओं में हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हरक सिंह रावत का यह बयान केवल सीट बदलने का संकेत नहीं, बल्कि कांग्रेस के भीतर अपनी राजनीतिक पकड़ और प्रभाव दिखाने की कोशिश भी है। लंबे समय से पर्वतीय सीटों से राजनीति करते रहे हरक सिंह ने अब खुलकर कहा है कि पर्वतीय क्षेत्रों में युवाओं को मौका मिलना चाहिए और वरिष्ठ नेताओं को मैदानी राजनीति में भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि अब तक उन्होंने उत्तराखंड के कई पर्वतीय जिलों में सक्रिय राजनीति की है और अलग-अलग सीटों से चुनाव लड़ा है। लेकिन अब उनकी इच्छा मैदानी क्षेत्र की किसी सीट का प्रतिनिधित्व करने की है।
कांग्रेस नेताओं की अभी से बढ़ने लगी टेंशन
हरक सिंह रावत ने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्हें कई सीटों से चुनाव लड़ने के प्रस्ताव मिल रहे हैं। उन्होंने कोटद्वार, रुद्रप्रयाग और केदारनाथ जैसी सीटों का नाम लेते हुए कहा कि वहां के समर्थक और स्थानीय कार्यकर्ता भी उन्हें चुनाव मैदान में देखना चाहते हैं। उनके इस बयान ने उन नेताओं की चिंता और बढ़ा दी है, जो पहले से इन सीटों पर अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं।
विशेष रूप से कोटद्वार सीट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि हरक सिंह पहले भी इस क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वहीं रुद्रप्रयाग और केदारनाथ जैसे क्षेत्रों में भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। ऐसे में यदि वह इन सीटों में से किसी पर दावा करते हैं तो कांग्रेस के भीतर टिकट की लड़ाई और दिलचस्प हो सकती है।
सामने आया गोदियाल का रिएक्शन
उधर गणेश गोदियाल ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी वरिष्ठ नेताओं से राय ले रही है और हरक सिंह रावत की इच्छा को भी गंभीरता से सुना जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि टिकट वितरण का अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान और संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत ही लिया जाएगा।