Happy Birthday SRK: Shahrukh Khan के लिए आसान नही था फर्श से अर्श तक का सफर, विलेन बन बनाई पहचान

Happy Birthday SRK: अगर किसी चीज को दिल से चाहो, तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने की कोशिश में लग जाती है, ओम शांति ओम फिल्म का ये डायलाग बॉलीवुड के लिविंग लीजेंड शाहरुख़ खान की जिंदगी में काफी फिट बैठता है। बॉलीवुड के बादशाह बनने से पहले ही शाहरुख़ खान ने अपनी सफलता की भविष्य वाणी की थी।
दशकों पहले मरीन ड्राइव में खड़े होकर उन्होंने डूबते सूरज को देखकर ये ऐलान किया की एक दिन वो इस शहर पर राज करेंगे। और ऐसा ही कुछ हुआ भी। आज देश ही नहीं पूरी दुनिया उनके स्टारडम से वाकिफ है। ऐसे में आज शाहरुख़ के जन्मदिन (Happy Birthday SRK) के मौके पर जानते है की कैसे अभिनेता ने फर्श से अर्श तक का सफर तय किया।

शाहरुख़ का फिल्मी सफर नहीं था आसान(Happy Birthday SRK)
शाहरुख़ खान के लिए फर्श से अर्श तक का सफर आसान नहीं था। 2 November 1965 में शाहरुख़ खान का जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ। बटवारें के समय उनका परिवार भारत के दिल्ली में आकर बस गया।
जहां शाहरुख़ का बचपन गुजरा। उनका परिवार किराय के घर में रहता था। उनके पिता रेस्टोरेंट चलाया करते थे। 16 साल के शाहरुख खान के जीवन का सबसे दुखद पल तब आया जब उनके पिता का निधन हो गया। पिता को खोने के बाद परिवार की जिम्मेदारी उन पर आ गई ।

शाहरुख ने नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा में लिया एडमिशन
उसके बावजूद उन्होंने अपने अंदर के जज़्बे को कायम रखा और अपने परिवार की जिम्मेदारी के साथ कॉलेज में एडमिशन भी लिया।
कॉलेज में एक ग्रुप का हिस्सा बनकर उन्होंने एक्टिंग सीखना शुरू किया। इसके बाद शाहरुख़ ने मॉस कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री लेने का फैसला किया। लेकिन पढ़ाई अधूरी छोड़ उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा में एडमिशन ले लिया।

Shahrukh Khan की सीरियल फौजी से हुई टीवी में एंट्री
जहां उन्होंने एक्टिंग सीखी और उन्हें टीवी सीरीज ‘दिल दरिया’ में अभिनय करने का मौका मिला। लेकिन कुछ परेशानियों के चलते ये टीवी सीरीज उस वक्त रिलीज़ नहीं हुई।
जिसकी वजह से टेलीविजन में उनकी एंट्री टीवी सीरियल फौजी से हुई। जिसके बाद उन्हें सर्कस, वागले की दुनिया, इडियट और उम्मीद जैसे टीवी सीरियल में काम करने का मौका मिला। शाहरुख़ की एक्टिंग को देख लोग उन्हें दिलीपकुमार से कम्पेर करते थे।

मां की मौत से लगा गहरा सदमा
साल 1991 में उन्होंने अपनी लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड गौरी के साथ शादी कर ली। शाहरुख़ अपने एक्टिंग करियर के शुरूआती फेज़ में थे जब उन्हें एक और सदमा लगा। साल 1991 में मां की मौत से उन्हें गहरा सदमा लगा।

जिसके बाद शाहरुख बिलकुल अकेले हो गए। शाहरुख की एक बहन भी है जो मां के निधन के सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाईं और डिप्रेशन में चली गईं। शाहरुख़ ने उस समय हिम्मत दिखाई और अपनी बहन की जिम्मेदारी उठाते हुए सपनों की नगरी मुंबई की ओर निकल पड़े।
साल 1992 में फिल्म दीवाना से किया बॉलीवुड में डेब्यू
उन्होंने बॉलीवुड में करियर बनाने का तय किया और पूरी तरह से अपने आप को एक्टिंग में झोंक दिया। मुंबई में उनकी किस्मत चमकी और उन्हें सबसे पहले हेमा मालिनी के डायरेक्शन में बनी फिल्म “दिल आशना है” में कास्ट किया गया। लेकिन साल 1992 में रिलीज़ हुई फिल्म दीवाना उनकी डेब्यू फिल्म बनी। जिसके बाद उन्हें चमत्कार, राजू बन गया जेंटलमैन फिल्म ऑफर हुई।

Shahrukh Khan को नेगेटिव रोल से मिली पहचांन
साल 1993 में लीग से हटकर शाहरुख़ ने फिल्म डर और बाजीगर में नेगेटिव रोल निभाया। ये दो फिल्में जिसे आमिर और सलमान खान ने रिजेक्ट कर दिया था, उन्हीं फिल्मों ने शाहरुख़ की लाइफ बदल दी। बाजीगर में अपने नेगेटिव रोल के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का अवार्ड भी मिला।

आइकोनिक रोल्स कर की हिस्ट्री क्रिएट
जिसके बाद उन्होंने दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे, कुछ कुछ होता है, परदेस, दिल तो पागल है आदि प्रोजेक्ट्स में आइकोनिक रोल्स कर हिस्ट्री क्रिएट कर दी।

जिसके बाद उन्होंने कल हो न हो, कभी ख़ुशी कभी ग़म, देवदास, मोहब्बतें आदि में यादगार रोल किए। इन फिल्मों के बाद उन्होंने किंग ऑफ़ बॉलीवुड का टैग हासिल किया। एक एवरेज दिखने वाला दिल्ली से आया ये लड़का आज किसी पहचान का मोहताज़ नहीं है। ‘बादशाह’ के नाम से मशहूर किंग खान पर आज पूरी दुनिया कायल है।