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उत्तराखंड में पुरानी पेंशन लागू करने से सरकार का इनकार, विधायक के सवाल पर वित्त मंत्री ने दिया ये जवाब

उत्तराखंड में पुरानी पेंशन लागू नहीं होगी। प्रदेश सरकार ने राज्य में पुरानी पेंशन लागू करने से इनकार कर दिया है। अल्मोड़ा के कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी ने यह मामला उठाया था। जिस पर सरकार ने जवाब देते हुए इनकार कर दिया है।

उत्तराखंड में लागू नहीं होगी पुरानी पेंशन

प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सरकार ने इनकार कर दिया है। भराड़ीसैंण विधानसभा में अल्मोड़ा के कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी ने यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में 86,842 कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के दायरे में हैं। लेकिन फिर भी उन्हें यह लाभ नहीं मिल रहा है।

विधायक के सवाल पर वित्त मंत्री ने दिया ये जवाब

अल्मोड़ा से कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी के सवाल पूछने पर वित्त मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल ने जवाब दिया कि राज्य सरकार ने 2005 में केंद्र सरकार के नियमों की समानता के हिसाब से इस योजना को राज्य में लागू किया है। विपक्ष ने नियम 58 में राज्य में पुरानी पेंशन लागू करने की मांग उठाई थी।

सिंगल इंजन की सरकार ने लागू की तो डबल इंजन की सरकार ने क्यों नहीं

अल्मोड़ा के कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी ने पुरानी पेंशन का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में 86,842 कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के दायरे में हैं। लेकिन उन्हें यह लाभ नहीं मिल रहा है। कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं। 

कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी ने नई पेंशन योजना के तहत कार्यरत रहे एक प्रवक्ता की नजीर सदन में दी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कर्मचारी 80 हजार रुपये वेतन ले रहे थे। लेकिन सेवानिवृत्त होने के बाद उनको 3676 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिल रही है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार में नई पेंशन योजना लागू नहीं है। लेकिन राजस्थान, पंजाब और हिमाचल की सिंगल इंजन की सरकारों ने पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी है। उत्तराखंड की डबल इंजन की सरकार इसे क्यों नहीं लागू कर रही है।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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