
चमोली हादसे के बाद सरकारी मशीनरी नींद से जागी है। चमोली में 16 लोगों की मौत के बाद सीएम धामी के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में प्रदेश में कार्यरत समस्त कार्यदायी संस्थाओं की उच्च स्तरीय बैठक ली।
चमोली जैसे हादसे ना हों इसलिए हुई उच्चस्तरीय बैठक
चमोली जैसे हादसों की ना हो पुनरावृत्ति ना हों इसलिए मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने समस्त कार्यदायी संस्थाओं की बैठक ली।
इस बैठक में उन्होंने प्रदेश में कार्यदायी संस्थाओं पर नई नीति लागू करने का जल्द ही उच्च स्तरीय निर्णय लेने की बात कही। इसके साथ ही कार्यदायी संस्थाओं को सुरक्षा मानकों के उच्चतम स्तर के मानदण्डों का पालन करने की सख्त हिदायत भी दी।
कार्यदायी संस्थाएं इलैक्ट्रिकल वर्क को सिविल वर्क को जोड़ देती हैं
इस बैठक में ये तथ्य संज्ञान में आया कि कार्यदायी संस्थाएं इलैक्ट्रिकल वर्क को सिविल वर्क के साथ जोड़ देती हैं। जबकि कार्यदायी संस्थाओं के पास इलैक्ट्रिकल वर्क के लिए पृथक से इंजीनियर उपलब्ध रहते हैं।
एक ही एस्टीमेट बनाने तथा एक साथ कार्य कराने से इलैक्ट्रिकल वर्क के लिए अच्छे से कार्य करने तथा सुरक्षा के मानकों का पालन करने में समझौते की स्थिति आती है। सिविल कॉन्टै्रक्टर्स ही इलैक्ट्रिकल कार्य को करवाते हैं। बैठक में इस व्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए समस्त कार्यदायी संस्थाओं से सुझाव लिये गए।
मानकों के पालन की दी सख्त हिदायत
एसीएस राधा रतूड़ी ने कार्यदायी संस्थाओं से सुरक्षा मानकों पर चर्चा करते हुए सख्त हिदायत दी कि सुरक्षा मानकों के लिए उच्चतम स्तर के मानदंड हैं, उन मानदण्डों के अनुसार ही उपकरणों का प्रयोग किया जाना चाहिए। एसीएस ने कड़े निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट या कार्य पूर्ण होने के उपरान्त भी सुरक्षा मानक निर्धारित मानदण्डों के अनुरूप बने रहने चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान में कार्यरत मजदूरों के अलावा उस भवन, प्रोजेक्ट या मशीनरी में कार्य पूर्ण होने के बाद लगाये जाने वाले श्रमिकों या कार्मिकों को उचित प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। सुरक्षा मानकों का समय समय पर परीक्षण करवाया जाना आवश्यक है।
कार्यदायी संस्थाओं पर जल्द नई नीति की जाएगी लागू
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जल्द से जल्द प्रदेश में कार्यदायी संस्थाओं के लिए सिविल वर्क एवं इलैक्ट्रिकल वर्क के लिए स्पष्ट अलग अलग व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षा मानकों के लिए उच्चतम स्तर के मानदण्डों का पालन, मजदूरों व कार्मिकों के प्रशिक्षण एवं सुरक्षा मानकों के परीक्षण से सम्बन्धित नई नीति तैयार की जाएगी। इसके साथ ही उसे समस्त कार्यदायी संस्थाओं पर लागू किया जाने का उच्च स्तरीय निर्णय लिया जाएगा।