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Gold Price Today: अमेरिकी नीतियों का सोना-चांदी पर असर, जानें भाव

सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 82,000 रुपये प्रति 10 ग्राम(Gold Price Today) पर स्थिर रही। शुक्रवार को ये 700 रुपये की वृद्धि के साथ इसी स्तर पर पहुंची थी। बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले भाषण के इंतजार में हैं। जिससे भविष्य में बाजार के रुझान तय होंगे।

चांदी की कीमत में गिरावट (Silver Rate Today)

सोमवार को चांदी की कीमत में भी 500 रुपए की गिरावट देखने को मिली। शुक्रवार की बात करें तो चादी की कीमत 93,500 रुपए प्रति किलोग्राम थी। जिसके बाद ये घटकर 93,000 रुपए प्रति किलोग्राम(Silver Rate Today) हो गई है। कहा जा रहा है कि वैश्विक बाजार में बिकवाली का दबाव चांदी की कीमतों में उतार-चढाव का मुख्य कारण है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोर रुझान देखने को मिला। कॉमेक्स पर सोना वायदा 0.09% से घटकर 2,746.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी वायदा 0.13% से घटकर 31.10 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

फेडरल रिजर्व नीति और सोने का रुझान

कोटक सिक्योरिटीज के अनुसार, फेडरल रिजर्व द्वारा अमेरिकी मुद्रास्फीति के कमजोर आंकड़ों के बाद ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ गई है। कम ब्याज दरें सोने के लिए अनुकूल होती हैं क्योंकि सोना एक गैर-ब्याज देने वाली संपत्ति है।

क्या है विशेषज्ञों की राय

मिराय एसेट शेयरखान के विशेषज्ञ प्रवीण सिंह का कहना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती और मुद्रास्फीति में मामूली बदलाव के कारण सोने में बढ़ोतरी की संभावना कम मानी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।

जनवरी का प्रदर्शन

जनवरी में राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण सोने की कीमत में अब तक 3% से ज्यादा और चांदी की कीमत में 7% तक की तेजी हुई है। निवेशक अभी भी आगे के बाजार रुझान को लेकर सतर्क हैं।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल मीडिया से जुड़ी युवा पत्रकार उमा कोठारी इस समय खबर उत्तराखंड.कॉम के साथ काम कर रही हैं। उमा अलग-अलग बीट पर खबरें लिखती हैं, जिनमें देश-दुनिया की राजनीतिक गतिविधियों की अहम खबरें, मनोरंजन, खेल और ट्रेंड से जुड़ी अपडेट शामिल हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करते हुए वे ट्रेंड और तथ्य दोनों का संतुलन बनाए रखती हैं, ताकि पाठकों तक सही और ज़रूरी जानकारी पहुंचे।
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