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एक ही दिन में प्रदेश में 78 स्थानों पर धधके जंगल, वनाग्नि की घटनाओं से बढ़ रहा तापमान

प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से तापमान में बढ़ोतरी होने के साथ ही प्रदेश के जंगल धधकने लगे हैं। आलम ये है कि एक दिन में प्रदेश में वनाग्नि की 78 घटनाएं सामने आई हैं।

एक ही दिन में 78 स्थानों पर धधके जंगल

प्रदेश में जंगलों की आग ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। गर्मी बढ़ने के साथ ही प्रदेश के जंगल धधकने लगे हैं। हाल ये है कि पिछले 24 घंटे में वनाग्नि की 78 घटनाएं सामने आई हैं। एक दिन में जंगलों में आग की इतनी घटनाएं सामने आना चिंता का विषय है।

प्रदेश में वनाग्नि का आंकड़ा 647 पार

प्रदेश में एक दिन में 78 घटनाएं सामने आना इस वनाग्निकाल में एक दिन में दर्ज सबसे ज्यादा घटनाएं हैं। इसके साथ ही प्रदेश में वनाग्नि का आंकड़ा 647 पर पहुंच गया है। जंगलों में आग के कारण तापमान में और ज्यादा बढ़ोतरी हो रही है। चारों ओर धुंध और धुएं में लोगों का सांस लेनी भी मुश्किल हो रहा है।

24 घंटे में गढ़वाल में 34 तो कुमाऊं में 41 स्थानों पर धधके जंगल

प्रदेश में जंगलों में आग लगने का सिलसिला अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते छह दिनों में ही प्रदेश में वनाग्नि के 171 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं पिछले 24 घंटे में सामने आई जंगलों में आग की घटनाओं में से 34 घटनाएं गढ़वाल मंडल से तो 41 घटनाएं कुमाऊं से सामने आई हैं। इसके साथ ही तीन संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों में आग लगी है।

98 हेक्टेयर वन क्षेत्रफल को आग से पहुंचा नुकसान

24 घंटे में सामने आई वनाग्नि की घटनाओं में 98 हेक्टेयर वन क्षेत्रफल को नुकसान हुआ है। जबकि आग के कारण अब तक दो लाख 30 हजार रुपये के आर्थिक नुकसान का आकलन किया गया है।

इस वनाग्निकाल में अब तक 647 वनाग्नि की घटनाएं दर्ज हुई हैं। जिसमें 769 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान हुआ है। जबकि इस से जंगलों में 19 लाख 59 हजार रुपये की आर्थिक क्षति हुई है।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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