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उत्तराखंड में यहां नदियों, गाड़-गधेरों में नहाने वालों की खैर नहीं, लगेगा भारी जुर्माना, हो सकते हैं गिरफ्तार

अगर मानसून में आ प उत्तराखंड आकर नदी और गाड़ गधेरों में नहाने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। उत्‍तराखंड के इस जिले में नदियों, गाड़-गधेरों, तालाब और पोखरों में नहाना आपको भारी पड़ सकता है। अगर आप ऐसा करते हैं तो पर भारी जुर्माना लग सकता है। यहां तक की आपकी गिरफ्तारी तक हो सकती है।

नदियों, गाड़-गधेरों में नहाने वालों की खैर नहीं

उत्तराखंड के भीमताल में नदियों, गाड़-गधेरों में नहाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अगर कोई भी व्यक्ति भीमताल में कहीं भी गाड़-गधेरों, तालाब और पोखरों और नदी में नहाते हुए पकड़ गया तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही व्यक्ति को गिरफ्तार तक भी किया जा सकता है। बता दें कि पदमपुरी गौला की सहायक नदी कलसा और उसमें बने परीताल में नहाते हुए तीन सालों में चार लोगों की मौत हो गई है। जिसके कारण ये फैसला लिया गया है।

इन जगहों पर नहाने पर लगाया प्रतिबंध

धामी एसडीएम ने गौला, कलसा नदी और उसकी सहायक नदियों, भालूगाड़, हरीशताल, परीताल और लोहाखाम ताल में नहाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही परगना धारी की सीमा में स्थित सभी छोटी नदियों, गाड़-गधेरों, तालाब और पोखरों में भी नहाने पर रोक लगा दी गई है। बता दें कि मानसून में तीव्र प्रवाह के कारण जनहानि को देखते हुए इन जगहों पर आवागमन प्रतिबंधित किया है।

जुर्माने के साथ ही सकते हैं गिरफ्तार

धामी एसडीएम ने अभिंयता सिंचाई हल्द्वानी को क्षेत्र की सभी नदियों, सहायक नदियों और तालों में लाल रंग के साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्र की नदियों, तालों और गाड़-गधेरों में कोई भी नहाता हुआ पाया गया तो भारतीय सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 40 के तहत संबधित व्यक्ति की गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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