
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने वन भूमि में रहने वाले परिवारों के हित और अधिकारों पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया है।
हाईकोर्ट के निर्देश से पैदा हुआ संकट: आर्य
यशपाल आर्य ने कहा कि आर्य ने कहा कि ऋषिकेश के पशुलोक का मामला उच्च न्यायालय के निर्देश से पैदा हुआ है। किसी भी न्यायालय में राज्य के निवासियों के वनाधिकार अधिनियम-2006 से मिलने वाले अधिकारों, वन भूमियों के पट्टों और वन भूमियों पर पीढ़ियों से रह रहे लोगों की विवशता की विस्तार से चर्चा होना संभव नहीं है।



नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने की विशेष सत्र बुलाने की मांग
यशपाल आर्य ने पत्र में आगे लिखा कि वन भूमि में रहने वाले लोगों के संबंध में व्यापक चर्चा, उनके अधिकार और उनकी विवशता की चर्चा केवल राज्य की विधानसभा में ही हो सकता है। राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में इस तरह के मामले हैं। राज्य के लोगों को उजड़ने से बचाना भी सरकार का प्रमुख कर्तव्य है।
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