

उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने शिक्षकों की एक बरसों पुरानी मांग को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा है कि शिक्षक अब सिर्फ बच्चों को पढ़ाएंगे। उनसे अन्य काम नहीं लिए जाएंगे।
उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति की शुरुआत के दिन शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने ऐलान किया है कि राज्य के करीब 72 हजार शिक्षक अब सिर्फ बच्चों को पढ़ाएंगे। उनसे कोई अन्य कार्य नहीं लिया जाएगा। शिक्षक संगठन कई वर्षों से यह मांग उठाते रहे हैं।
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शिक्षा मंत्री ने कहा है कि राज्य के टीचर्स से अब बीएलओ की ड्यूटी भी नहीं ली जाएगी। उन्हें सिर्फ बच्चों की पढ़ाई का ही काम करना होगा। माना जा रहा है कि इस राज्य में तकरीबन 72 हजार शिक्षकों को इस आदेश के बाद अलग अलग सरकारी योजनाओं को लागू कराने की जिम्मेदारी से छुटकारा मिल जाएगा।
हालांकि देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव आयोग इन टीचर्स से मिलने वाले मैन पॉवर की भरपाई कैसे करता है। आमतौर पर इन्ही टीचर्स के सहारे निर्वाचन प्रक्रिया का बड़ा हिस्सा पूरा होता है। ऐसे में अगर टीचर्स चुनाव ड्यूटी और बीएलओ के काम नहीं करेंगे तो निर्वाचन और अन्य योजनाओं के लिए मैन पॉवर जुटाना एक बड़ा काम होगा।