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देहरादून पुलिस का दावा, पत्थरबाजी के लिए हुई है फंडिंग, एक बैंक खाता फ्रीज

पत्थरबाजी

उत्तराखंड में बेरोजगार युवाओं के आंदोलन के बाद पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि बेरोजगारों के आंदोलन के दौरान उपद्रव करने वालों को फंडिंग की गई थी। प्राथमिक जाँच के बाद पुलिस ने एक संदिग्ध बैंक कहते को फ्रीज कर दिया है। जिसका यह बैंक कहता बताया जा रहा है वह दूसरे राज्य का रहने वाला बताया जा रहा है।

आंदोलन में बाहरी तत्त्व शामिल

पुलिस के अनुसार जल्द ही फंडिंग करने वालों की गिरफ़्तारी भी की जाएगी। बता दें कि बेरोजगारों के आंदोलन में हुए उपद्रव के बाद कई दिशाओं में जांच चल रही है। पुलिस के अनुसार आंदोलन में कुछ बाहरी तत्व शामिल हो गए थे। इन्होंने ही कुछ युवाओं को बहकाया और फिर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके लिए विभिन्न माध्यमों से रिकॉर्ड की गई वीडियो से पुलिस ने कुछ संदिग्धों के फोटो बनवाए हैं।

वर्तमान में भी जारी है फंडिंग

देहरादून एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि इन फोटो का पोस्टर बनवाकर शहर की गलियों में चिपकाए जाएंगे। ताकि, जल्द से जल्द पत्थर फेंकने वालों की पहचान हो सके। अभी तक सोशल मीडिया के माध्यम से 10 पत्थरबाजों की पहचान पुलिस ने कर ली है। इस मामले में बात सामने आ रही है कि उपद्रवियों को फंडिंग भी की गई है। वर्तमान में भी उन्हें फंडिंग की जा रही है। ऐसे में पुलिस की एक टीम इस दिशा में भी जांच कर रही है।

पुलिस कप्तान दलीप सिंह कुंवर ने बताया की एक बैंक खाता नजर में आया था। इस बैंक खाते से कुछ रकम संदिग्ध पत्थरबाजों के खातों में ट्रांसफर की गई। एक साथ कई खातों में यह पैसा ट्रांसफर हुआ है। इस खाते को तत्काल प्रभाव से फ्रीज करा दिया गया है।

Sakshi Chhamalwan

Sakshi Chhamalwan उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया से जुड़ीं युवा पत्रकार हैं। साक्षी टीवी मीडिया का भी अनुभव रखती हैं। मौजूदा वक्त में साक्षी खबरउत्तराखंड.कॉम के साथ जुड़ी हैं। साक्षी उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल के साथ साथ, देश, दुनिया, और धर्म जैसी बीट पर काम करती हैं।
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