highlight

उत्तराखंड में जल्द बनेगी साइबर फॉरेंसिक लैब, साइबर अपराध मामलों में देश में पांचवें स्थान पर है प्रदेश

प्रदेश में जल्द ही साइबर फॉरेंसिक लैब खुलने जा रही है। इस लैब के बन जाने के बाद साइबर क्राइम मामलों सुविधा मिलेगी। अब तक प्रदेश में साइबर अपराधों में जांच के लिए कोई लैब नहीं थी।

प्रदेश को मिलेगी पहली फॉरेंसिक लैब

प्रदेश को जल्द ही पहली फॉरेंसिक लैब मिलने जा रही है। अब तक प्रदेश में साइबर अपराधों में जांच के लिए कोई साइबर फॉरेंसिक लैब नहीं थी। इसके लिए उत्तराखंड पुलिस को केंद्रीय फॉरेंसिक लैब या अन्य प्रदेशों की लैब पर निर्भर रहना पड़ता था।

केंद्र सरकार ने बजट को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने साइबर फॉरेंसिक लैब के लिए बजट मंजूर कर दिया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने चार करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इसमें से सवा करोड़ रुपये बतौर लिमिट जारी भी कर दिए गए हैं। इस लैब के बनने के बाद उत्तराखंड पुलिस को केंद्रीय फॉरेंसिक लैब या अन्य प्रदेशों की लैब पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

साइबर क्राइम मामले में उत्तराखंड का देश में पांचवां स्थान

साइबर क्राइम के मामले प्रदेश में दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं। उत्तराखंड का देश में पांचवां स्थान है जहां सबसे अधिक साइबर क्राइम दर्ज किए जाते हैं। साइबर क्राइम मामलों में कंप्यूटर, मोबाइल और अन्य वस्तुओं को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजना पड़ता है। ये जांचें अब केंद्रीय फॉरेंसिक लैब चंडीगढ़ भेजी जाती हैं।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
Back to top button