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उधमसिंह नगर : कांग्रेस ने तीलू रौतेली पुरस्कार सूची पर उठाए सवाल, निरस्त करने की मांग…जानिए क्यों?

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उधमसिंह नगर : गदरपुर के 1 सीड प्लांट में महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रीना कपूर ने प्रेस वार्ता आयोजित कर तीलू रौतेली पुरस्कार की लिस्ट पर सवाल उठाए हैं.

रीना कपूर ने कहा कि जिस तरह से भाजपा कार्यकर्ताओं को इस बार तीलू रौतेली पुरस्कार से नवाजा गया है और पूरी तरह गलत है. पुरस्कार चयन समिति अपने आप ही सवालों के घेरे में हैं और साथ ही राज्य सरकार भी भाजपा कार्यकर्ताओं को तीलू रौतेली पुरस्कार देकर सामाजिक कार्यकर्ता महिलाओं पर नाइंसाफी कर रही है. कहा कि हमारी मांग है कि इस लिस्ट को निरस्त कर सही तरीके से सूची जारी की जाए.

आपको बता दें कि उत्तराखंड स्त्री शक्ति, तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के पास प्रदेशभर से आए आवेदनों में से 22 वीरांगनाओं का चयन हुआ। आज 8 अगस्त को तीलू रौतेली पुरस्कार दिया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के सभी जिलों से चयनित 22 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली के नाम पर दिया जाता है।

इसके तहत महिलाओं एवं किशोरियों द्वारा सामाजिक, शिक्षा, साहित्य, कला, संस्कृति एवं साहस सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली इस पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकती हैं। इस बार कोरोना योद्धा के रूप में कार्य करने वाली वीरांगनाओं को भी पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया।

प्रदेशभर से पुरस्कार के लिए आवेदन आए। इस बार तीलू रौतेला पुरस्कार के लिए 95 आवदेन मिले थे। समिति की ओर से इसमें से 22 के नाम फाइनल किए गए थे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार के लिए 69 प्रविष्टियां मिली थीं। इनमें से भी 22 के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। इस बार कोरोना योद्धा के तौर पर काम करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया।

लेकिन बता दें कि इस सूची में भाजपा कार्यकत्री दीपिका बोहरा

के साथ ही मंत्री बिशन सिंह चुफाल की बेटी दीपिका चुफाल का नाम भी शामिल किया गया जिसके बाद सवाल उठा कि आखिर राजनीतिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं का नाम तिलु रौतेली पुरस्कार के लिए क्यूं चुना गया है। तीलू रौतेली पुरस्कार की लिस्ट पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं और राजनीतिक क्षेत्र में काम करने वाले महिलाओं का नाम शामिल होने से इसे निरस्त करने की मांग उठने लगी।

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