
Chamoli Cloudburst LIVE: उत्तराखंड में मानसून इस बार कहर बनकर बरस रहा है। चमोली के थराली क्षेत्र में देर रात बादल फटने से तबाही मच गई। बताया जा रहा है कई घरों के अंदर मलबा घुस गया। जबकि कई गाड़ियां भी मलबे की चपेट में आ गई। हादसे में एक महिला और एक शख्स लापता बताए जा रहे हैं। जिनकी तलाश में रेस्क्यू अभियान जारी हैं।
ग्राउंड पर जीरो DM और SP
चमोली के डीएम और एसपी ने थराली क्षेत्र में आई आपदा का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर ग्रामीणों से अनुरोध किया कि वे सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शिफ्ट हो जाएं।
सीएम धामी ने की आपदा प्रभावितों से मुलाकात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावितों से मुलाकात की। इस दौरान सीएम ने उनकी समस्याओं को सुन हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

पांच-पांच लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान
थराली आपदा में क्षतिग्रस्त हुए भवनों के स्वामियों और आपदा में मृतक आश्रितों को सीएम धामी ने तत्काल पांच-पांच लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है।
आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने के लिए कुलसारी पहुंचे। हेलीपेड पर सीएम ने जिला प्रशासन की टीम से फीडबैक लिया।

ITBP ने संभाला मोर्चा
थराली में आई आपदा में आईटीबीपी के जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। आईटीबीपी के जवान मलबे में दबे पेड़ों को कटाकर हटाने में जुटे हुए हैं।
आपदा प्रभावितों को शिफ्ट करने की तैयारी
चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने थराली का निरीक्षण किया। जिसके बाद उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ बैठक की। बैठक में डीएम ने आपदा प्रभावितों के लिए कुलसारी में ठिकाना बनाने की बात कही।
कई जगह सड़कें बंद
हरमनी से थराली तक कई जगह सड़कें बंद है। जेसीबी से खोलने का कार्य जारी है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाल लिया है। रेस्क्यू टीम मलबा हटाकर फंसे वाहनों को निकालने के साथ ही मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश कर रही है।

ग्रामीणों को सुरक्षित जगहों पर भेजने का सिलसिला जारी
थराली क्षेत्र में कल देर रात हुई अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों में पुलिस का रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। थराली पुलिस द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया जा रहा है।

ये भी पढ़ें: Chamoli Cloudburst LIVE: थराली में फटा बादल, एक महिला की मौत, अन्य की खोज जारी
SDM आवास सहित कई मकान क्षतिग्रस्त
बता दें कि थराली तहसील क्षेत्र के टूनरी गदेरे में शुक्रवार देर रात बादल फटने से थराली बाजार और आसपास के क्षेत्र में भारी मलबा आ गया। मलबे की चपेट में आने से एसडीएम आवास सहित कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। दुकानों में मलबा भर गया। कई वाहन भी मलबे में दब गए।
सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य के लिए डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। कर्णप्रयाग ग्वालदम सड़क को भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसे सुचारू करने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।

सीएम धामी ने जताया हादसे पर दुःख
थराली आपदा में महिला की मौत पर सीएम धामी ने दुःख जताया है। साथ ही लापता व्यक्ति के सकुशल होने की कामना की है। सीएम ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से फ़ोन पर वार्ता कर बादल फटने से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी ली। सीएम ने आपदा पर दुःख जताते हुए सभी जनप्रतिनिधियों से राहत और बचाव कार्यों में जिला प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया है। इसके साथ उन्होंने स्थानीय विधायक से बात कर उनसे मौके पर रहकर राहत एवं बचाव कार्यो का भौतिक निरीक्षण करने को कहा है।
थराली आपदा में लापता महिला की मौत
थराली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बादल फटने के कारण मलबे में दबने से एक युवती का निधन हो गया है। जबकि अन्य व्यक्ति की तलाश जारी है।

अलर्ट मोड़ पर स्वास्थ्य विभाग
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अभिषेक गुप्ता ने बताया कि थराली आपदा में राहत के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर तैनात कर दी गयी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में वर्तमान में 4 चिकित्सा अधिकारी, 6 स्टाफ नर्स, 1 फार्मासिस्ट,1 ड्राइवर और एक एम्बुलेंस अलर्ट पर है। इसके अलावा 2 विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी की टीम एसडीएच कर्णप्रयाग से तैनाती की गई है और 1 चिकित्साधिकारी पीएचसी देवाल से तैनाती की गई है।
उफान पर आई नदियां
भारी बारिश के चलते टुनरी गधेरे में आए उफान ने राड़ीबगड़ और चेपडो गांव में भारी तबाही मचा दी है। कई गाड़ियां मलबे में दब गईं और घरों के अंदर मलबा घुसने से लोगों में दहशत फैल गई। सगवाड़ा गांव से एक व्यक्ति और एक किशोरी के लापता हैं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से पिंडर नदी और प्राणमती नदी उफान पर हैं, जिससे हालात और गंभीर होते जा रहे हैं।