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Vadodara नाव केस में 18 लोगों के खिलाफ केस दर्ज, कांग्रेस नेता ने कहा, ये हादसा नहीं मर्डर है

गुजरात के Vadodara नाव केस में 18 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। गुरुवार को हरणी झील में नाव पलटने से उसमें सवार 12 छात्रों और 2 शिक्षकों की डूबने से मौत हो गई थी। हादसे की वजह क्षमता से ज्यादा लोगों का सवार होना बताया जा रहा है। घटना के समय कुछ छात्र लाइफ जैकेट पहने हुए थे, बाकी सभी बिना जैकेट पहने ही नाव में सवार थे। हादसे में 18 छात्रों और 2 शिक्षकों को बचा लिया है। इस घटना को लेकर राजनीति भी शुरु हो गए है। विपक्ष इसे मर्डर बता रहा है।

Vadodara का ये हादसा नहीं हत्या है- कांग्रेस नेता

वडोदरा में नाव पलटने की घटना पर वडोदरा नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता अमी रावत का कहना है कि हम इसे हत्या का कृत्य मान रहे हैं, कोई दुर्घटना नहीं। हम मांग करते हैं कि इस घटना की जांच किसी सिटिंग जज से कराई जाए। यह सरासर लापरवाही है। नाव में कोई लाइफजैकेट या लाइफगार्ड नहीं था। जिम्मेदार पाए गए लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरु की जानी चाहिए। 2016 में जब यह परियोजना ठेकेदारों को आवंटित की गई थी, तब हमने इस पर आपत्ति जताई थी।

Vadodara

भ्रष्टाचार में शामिल है ठेकेदार

वहीं इस घटना को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अतुल गमेची ने मीडिया रिपोर्ट को ये जानकारी दी कि यह वडोदरा शहर के लिए बहुत दुखद घटना है। नाव की क्षमता 14 लोगों की थी, हालांकि इसमें 27 लोगों को बैठाया गया था। सही ढंग से तो नाव में दो बचावकर्मी होने चाहिए थे, वे भी वहां मौजूद नहीं थे। साथ ही कोई लाउफ जैकेट भी उपलब्ध नहीं कराई गई। यहां कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। वडोदरा नगर निगम और ठेकेदार भ्रष्टाचार में शामिल हैं।

पिकनिक पर गए थे सभी छात्र

वडोदरा शहर के हरणी झील में एक नाव पलटने से 14 लोगों की मौत हो गई। इसमें दो शिक्षक और 12 छात्र शामिल हैं। जिस वक्त हादसा हुआ उस समय नाव में 27 छात्रों के साथ 4 शिक्षकों को मौजूदगी थी। घटना के बाद गोताखोर और दमकलकर्मियों ने बचाव कार्य किया। बताया जा रहा है कि वडोदरा के पान गेट स्थित न्यू सनराइज स्कूल के छात्र शिक्षकों के साथ पिकनिक पर गए थे।

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