
लखनऊं: सीएए और एनआरसी को लगी उठे बवाल के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पुलिस के जवानों की सुरक्षा के लिए खरीदी गई बुलेटप्रफ जैकेट पर ही सवाल खड़े हो गए। फिरोजाबाद बवाल के दौरान एसएसपी के साथ चल रहे सिपाही बृजेंद्र ने शनिवार को बवाल के 15 घंटे बाद जब अपनी वर्दी उतारी तो उनके होश उड़ गए।
लगातार 15 घंटों से उपद्रवी प्रदर्शनकारियों को संभालने में लगे हुए सिपाही की जान शनिवार को पर्स ने बचा ली। गोली बुलेटप्रूफ जैकेट को पार करते हुए पर्स में जाकर फंस गई। सिपाही को गोली लगने की जानकारी करीब 15 घंटे बाद वर्दी उतारने पर हो सकी। पर्स में गोली फंसी देख सिपाही दंग रह गया। शनिवार को सिपाही ने डीएम और एसएसपी को घटना की जानकारी दी। सिपाही बृजेंद्र एसएसपी ऑफिस में तैनात है। शुक्रवार को सिपाही की ड्यूटी एसएसपी सचिंद्र पटेल के साथ हमराह के रूप में थी।
उसने घटना की जानकारी एसएसपी सचिंद्र पटेल को रसूलपुर थाने पर दी और पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। सिपाही ने कहा कि वाकई यह उनका दूसरा जन्म है, नहीं तो इस गोली से उसकी जान चली गई होती। मालूम हो कि शनिवार को फिरोजाबाद में पथराव के दौरान एसएसपी, एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी समेत कई दरोगा व सिपाही घायल हो गए।