
देहरादून: 55 दिनों के लंबे संघर्ष के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कहने पर हड़ताल समाप्त करने वाले आयुष छात्रों ने तो सीएम की बात मान ली, लेकिन निजी आयुष काॅलेजों की मानमानी जारी है। आयुष छात्र काॅलेज तो गए, लेकिन काॅलेजों ने उनके क्लास में जाने पर बैन लगा दिया।
आयुष छात्रों को सीएम ने बढ़ी हुई फीस वापस लेने का आश्वासन दिया था। आयुष विभाग की बैठक के बाद आयुष मंत्री हरक सिंह रावत ने भी बयान दिया था कि छात्रों की बढ़ी हुई फीस वापस की जाएगी, लेकिन आज जब छात्र काॅलेज में पहुंचे, तो उनको क्लास में नहीं जाने दिया गया। मजबूरन छात्र काॅलेजों के कैंपस में बैठे रहे।