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SC-ST वोट साधने के लिए बीजेपी का मास्टर प्लान तैयार, कांग्रेस ने बताया ढोंग

प्रदेश में लोकसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कमर कस ली है। बीजेपी ने एससी और एसटी वोटर्स को साधने के लिए बीजेपी ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। बीजेपी के इस प्लान को कांग्रेस ने ढोंग बताया है।

लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी ने कसी कमर

लोकसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के द्वारा तैयारियां शुरू कर दी हैं। उत्तराखंड में पार्टी को लगता है कि एससी एसटी वोट बैंक जितना पार्टी को मिलना चाहिए वो पार्टी को नहीं मिल पा रहा है। वो भी तब जब उत्तराखंड में भाजपा दावा कर रही है कि बीडीसी मेंबर से लेकर विधायक तक अन्य राजनीतिक दलों की तुलना में भाजपा के सबसे ज्यादा जनप्रतिनिधि हैं। अगर विधायकों की बात करें तो विधायकों के आंकड़े में भी भाजपा अव्वल है। लेकिन उसके बावजूद भी पार्टी को वो लक्ष्य हासिल नहीं हो पा रहा है जो लक्ष्य पार्टी ने तय किया है।

SC-ST वोट साधने के लिए बीजेपी का मास्टर प्लान तैयार

सूत्रों की मानें तो पार्टी को लगता है कि सबसे ज्यादा योजनाएं एससी-एसटी और जनजातीय वर्ग के लिए होने के बावजूद भी बेहतर तरीके से प्रचार-प्रसार न होने की वजह से इन वर्गों का वोट बैंक पार्टी को हासिल नहीं हो पा रहा है। इस लिए पार्टी के सभी एसटी और एससी वर्ग से आने वाले बीडीसी मेंबर से लेकर विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों के लिए सम्मेलन का आयोजन करने जा रही है। जिसमें पार्टी की इन कमियों को दूर करने को लेकर चर्चा की जाएगी ताकि पार्टी एससी-एसटी वोट हासिल कर सके।

19 को गढ़वाल में और 21 को कुमाऊं में होगा सम्मेलन

बीजेपी ने 19 नवंबर को गढ़वाल मंडल और 21 नवंबर को कुमाऊँ मंडल में एससी-एसटी सम्मेलन रखे हैं। ताकि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं को कैसे एससी एसटी वर्ग तक पहुंचाएं जाए इस पर मंथन किया जाएगा। इसके बाद पार्टी के द्वारा इन्हीं जनप्रतिनिधियों के सहारे बस्ती संपर्क अभियान चलाया जाएगा। जिसमें केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं को इस वर्ग तक पहुंचाया जाएगा।

SC-ST सम्मेलन को कांग्रेस ने बताया ढोंग

बीजेपी के द्वारा करवाए जाने वाले एससी-एसटी सम्मेलन को कांग्रेस ने निखालिस ढोंग बताया है। कांग्रे प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि जब अल्मोड़ा जिले के सल्ट में अंतर्जातीय विवाह करने की वजह से दलित समाज के जगदीश की 27 हड्डियां तोड़कर और सर हथौड़े से मार कर हत्या की जा रही थी उस वक्त सरकार और संगठन दोनों मौन क्यों थे ?

इसके साथ ही गरिमा दसौनी ने कहा कि जब उत्तरकाशी में एक 19 साल के दलित युवक ने मंदिर में प्रवेश किया था तो रातभर उसे कोयले से जलाया गया था तब उत्तराखंड भाजपा संगठन क्यों चुप था ? उन्होंने कहा कि दलित समाज भी जानता है कि उन्हें भाजपा सिर्फ वोट बैंक की दृष्टि से देखती रही है।

लोकसभा चुनाव में होने वाली हार से घबराई भाजपा

गरिमा दसौनी ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि उत्तराखंड भाजपा लोकसभा चुनाव में पार्टी की होने वाली हार से बुरी तरह घबरा गई है। इसीलिए कभी पंच महेश्वर सम्मेलन तो कभी महिला मोर्चा के द्वारा मातृशक्ति का सम्मान तो कभी हारी हुई 23 विधानसभाओं में सांसदों को प्रवास पर भेजने का कार्यक्रम बनाया जा रहा है।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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