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CAG Report: उत्तराखंड में सामने आया बड़ा घोटाला, कैग की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

उत्तराखंड में फिर बड़ा घोटाला सामने आया है। कैग की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। कैग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि प्रदेश में एंबुलेंस और शव वाहनों से भी अवैध खनन ढोया गया है। इतना ही नहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि हजारों रवन्नों में सरकारी वाहनों के नंबर भी पाए गए हैं। 

उत्तराखंड में बड़े घोटाले का कैग की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

प्रदेश में एक बार फिर से घाटाला सामने आया है। इस बार कैग की रिपोर्ट में इस बड़े घोटाले की पोल खुली है। कैग ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से तैयार किए गए वाहनों के डाटा बेस के साथ रवन्नों में उल्लेखित वाहन नंबरों की जांच करने के बाद चौंकाने वाला खुलासा किया है।

कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देहरादून जिले की तीन नदियों सौंग, ढकरानी और कुल्हाल से एंबुलेंस और शव वाहनों से भी अवैध खनन ढोया गया है। इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि हजारों रवन्नों में सरकारी वाहनों के नंबर भी पाए गए हैं।

साल 2017 से 2021 में खेला गया अवैध खनन का खेल

कैग ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि अवैध खनन का ये खेल एक या दो महीने नहीं बल्कि सालों तक खेला गया। साल 2017-18 और 2020-21 के बीच खेला गया है।

प्रशासन की आंखों के सामने खनन माफिया ने वाहनों की नंबर प्लेट बदलकर लाखों टन अवैध खनन सामग्री ढोकर करोड़ों के वारे न्यारे कर लिए। इस बात की सरकार को भनक तक नहीं लगी। कैग ने जब रवन्नों की जांच की तो पता चला कि इनमें से सरकारी वाहनों के नंबर भी शामिल थे।

अवैध खनन ढोने में लगे वाहन निकले एंबुलेंस और शव वाहन

कैग ने अपन रिपोर्ट में इस बारे में खुलासा करते हुए कहा है कि जिन वाहनों को अवैध खनन ढोने में लगाया गया था, उनमें से हजारों नंबर एंबुलेंस, शव वाहन और प्राइवेट गाड़ियों यानी गैर वाणिज्यिक निकले। इसके साथ कैग की रिपोर्ट के मुताबिक अवैध खनन में लगे 2,969 सरकारी वाहनों से एक लाख 24 हजार 474 मीट्रिक टन खनन सामग्री ढोई गई है।

रिपोर्ट में 40 बताई गई ऐसे वाहनों की संख्या

कैग की रिपोर्ट में बताया गया है कि 835 यात्री वाहनों से 97 हजार मीट्रिक टन और ढाई हजार टैक्सी वाहनों 1.52 मीट्रिक टन खनन सामग्री ढोई गई। जबकि 57 हजार से ज्यादा वाहन ऐसे थे जो पंजीकृत ही नहीं थे। इसके अलावा एंबुलेंस, शव वाहन, रोड रोलर,अग्निशमन वाहन, एक्सरे वैन के नंबरों वाले वाहनों में करीब ढाई हजार टन अवैध खनन का परिवहन किया गया है।

कैग रिपोर्ट में ऐसे वाहनों की संख्या 40 बताई गई है। 782 पेट्रोलियम टैंकों के नंबर भी ऐसे पाए गए जो अवैध खनन के रवन्नों में दर्ज हैं। इसके साथ ही कृषि कार्यों के लिए पंजीकृत करीब आठ हजार ट्रैक्टरों को भी खनन के काम में लगाया गया था। यहां तक कि 261 ई-रिक्शा और 201 दोपहिया वाहनों से भी खनन सामग्री ढोनी दिखाई गई है।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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