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श्रीनगर में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर बड़ा प्रदर्शन, लोकसभा चुनावों से पहले नतीजा भुगतने की दी चेतावनी

restoration of old pension

पुरानी पेंशन बहाली को लेकर लगातार प्रर्दशन हो रहे हैं। श्रीनगर में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर जनसैलाब उमड़ आया। प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने सरकार को मांग पूरी ना होने पर लोकसभा चुनावों से पहले नतीजा भुगतने की चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा कि अगर पुरानी पेंशन बहाली नहीं की गई तो सरकार को सबक सिखाया जाएगा।

 

पुरानी पेंशन बहाली को लेकर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा पुरानी पेंशनबहाली को लेकर लामबंद है। श्रीनगर में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर जनसैलाब उमड़ आया। जहां मोर्चे से जुड़े लोगों ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर प्रदर्शन कर विरोध जताया है। इस विरोध प्रदर्शन में गढ़वाल मंडल के 7 जिलों के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया था।

श्रीनगर में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सड़कों पर उतरे लोग

श्रीनगर में लोगों ने सरकार को पुरानी पेंशन बहाली करने के लिए चेतावनी दी है। श्रीनगर में हो रहे प्रदर्शन में गढ़वाल मंडल के 7 जिलों में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। ये प्रदर्शन रैली गोला बाजार से होते हुए  रामलीला मैदान में आयोजित की गई। रामलीला मैदान में ये रैली एक जनसभा में तब्दील हो गई। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की। सरकार के विरोध में कर्मियों ने अपने हाथों में तख्तियों पर विभिन्न् स्लोगन लिखकर विरोध दर्ज कराया है।

दी नतीजा भुगतने की चेतावनी

पुरानी पेंशन बहाली को लेकर प्रदर्शन कर कर्मचारियों का सरकार पर गुस्सा फूटा है। मोर्चा के मंडल अध्यक्ष मुकेश बहुगुणा ने कहा है कि जिस तरह पड़ोसी राज्य हिमाचल में कुछ समय पहले पुरानी पेंशन बहाल कर दी गई है वैसे ही उत्तराखंड में भी पुरानी पेंशन को बहाल कर देना चाहिए।

प्रदर्शन कारियों ने कहा है कि दोनों राज्यों में काफी समानताएं हैं हिमाचल और उत्तराखंड दोनों ही पहाड़ी राज्य हैं दोनों की भौगोलिक परिस्थितियां भी समान हैं। अगर हिमाचल प्रदेश की सरकार ने पुरनी पेंशन बहाल कर दी है तो धामी सरकार को भी पुरनी पेंशन बहाल कर देनी चाहिए। कर्मचारियों ने मांगे पूरी ना होने पर सरकार को लोकसभा चुनावों से पहले नतीजो भुगतने की चेतावनी दे दी है। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों को ही चेतावनी दे दी है।

 

 

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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