
देहरादून : विकासनगर में लॉकडाउनक के दौरान आवश्यक सेवाओं की आड़ में स्मैक की तस्करी करते दो लोगों अशफाक अहमद पुत्र शकूर अहमद, निवासी बिहारीगढ़ सहारनपुर और शेरुद्दीन(50) पुत्र नदीरूद्दीन निवासी सहसपुर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से पुलिस को करीब 500 ग्राम स्मैक पकड़ी गई है। पुलिस का कहना है कि इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब दो करोड़ रुपये है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दरअसल लॉकडाउन के चलते देहरादून में सख्त चेकिंग चल रही है। संदिग्धों को क्वारनटाइन कराया जा रहा है। वहीं इस बीच विकास नगर पुलिस को 17 अप्रैल को सूचना मिली थी कि कुछ लोग ट्रक में आवश्यक सेवा की आड़ में स्मैक तस्करी कर रहे हैं। वहीं 18 तारीख को फिर से मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि एक सब्जी का ट्रक अभी मोदी ग्राउंड हरबर्टपुर में खड़ा है, जिसमें बैठे दोनों व्यक्ति संदिग्ध लग रहे हैं।
ट्रक में आगे आवश्यक सेवा सब्जी का स्टीकर लगा था
वहीं सूचना पर गठित पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सब्जी के ट्रक को चेक किया तो हरी मिर्च के बोरे भरे मिले। ट्रक में आगे आवश्यक सेवा सब्जी का स्टीकर लगा था। थोड़ी देर बाद पुलिस टीम को देखकर अन्दर बैठे दो व्यक्ति मौके से भागने की कोशिश करने लगे लेकिन पुलिस ने उन्हे दबोच लिया। पकड़े गए दोनों व्यक्तियों से भारी मात्रा में स्मैक बरामद होने और इसमें का वाहन ट्रक में परिवहन करने पर उनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत थाना विकासनगर पर अभियोग पंजीकृत किया गया।
बरेली से लाए स्मैक, यूपी पुलिस को दिया चकमा लेकिन उत्तराखंड पुलिस ने बच ना पाए
सख्ती से पूछताछ करने पर एक आरोपी शेरदीन ने बताया कि वो पूर्व में भी स्मैक तस्करी में 03 बार पकड़ा जा चुका हूँ। बताया कि लॉकडाउन के समय स्थानीय एवं आसपास के क्षेत्र में बरेली से स्मैक नहीं आ पा रही थी और लोकल और आसपास के क्षेत्र में स्मैक की भारी कमी हो गयी थी तब उसने अब्बास से सम्पर्क किया गया और कहा कि किस तरह बरेली से स्मैक लायी जा सकती है तो अब्बास नें मेरा सम्पर्क ट्रक मालिक इमरान से करवाया और इमरान नें कहा कि मेरा आढत का काम है, मेरे पास ट्रक है उसमें आवश्यक सेवा का स्टीकर लगाकर सब्जी लेने के बहाने बरेली ले स्मैक खरीदकर ले जाओ। जिसको वो बाद में स्कूल-कालेजों के बच्चों और ओद्यौगिक क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को ऊँचे दाम पर बेचकर हम तीनों भारी मुनाफा कमाते।
आरोपी ने बताया कि वो आवश्यक सेवा (सब्जी) की आड़ में फतेहगंज पश्चिमी बरेली के रहने वाले मामू नाम के व्यक्ति से कुल 500 ग्राम स्मैक खरीदकर लाए और कई जगहों पर पुलिस को चकमा दिया लेकिन विकासनगर में पकड़े गए।
आरोपी ने बताया कि हमारे बीच यह तय हुआ था कि ट्रक ड्राईवर मुझे धर्मावाला छोड़ देगा एवं स्वयं ट्रक लेकर सहारनपुर चला जायेगा और हमने ट्रक हरबर्टपुर एक ग्राउण्ड में खड़ा कर दिया। लेकिन 18 अप्रैल की सुबह उनको हरबर्टपुर जाना था लेकिन उनकी गाड़ी खराब हो गयी। पुलिस उन आरोपियों की हिस्ट्री भी खंगाल रही है जहां से ये आरोपी स्मैक खरीदकर लाए। अभियुक्तों को आज माननीय न्यायालय पेश किया जा रहा है।
पुलिस टीम
1- गिरीश नेगी, वरिष्ठ उप-निरीक्षक / थाना प्रभारी, कोतवाली विकासनगर ।
2- दीपक मैठाणी, चौकी प्रभारी, बाजार विकासनगर ।
3- प्रमोद कुमार, चौकी प्रभारी कुल्हाल विकासनगर ।
4- रवि प्रसाद कवि, चौकी प्रभारी हरबर्टपुर विकासनगर ।
5- कांस्टेबल श्रीकान्त मलिक, कोतवाली विकासनगर (विशेष सहयोग)
6- कांस्टेबल 1428 सन्दीप कुमार, कोतवाली विकासनगर
देहरादून एसएसपी और डीआईजी ने विकासनगर थाना पुलिस की भूरी- भूरी प्रशंसा की औऱ 2500 रुपये नगद पुरस्कार की घोषणा की गई है।