
हरिद्वार: किशोरी के उत्पीड़न मामले में मुकदमें का सामना कर रही सिविल जज दीपाली शर्मा को राहत नहीं मिल पाई है। सरकार जनहित का हवाला देते हुए सिविल जज दीपाली शर्मा पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की अपील की थी, लेकिन सीजेएम ने अपील को खारिज कर दिया।
सिविल जज दीपाली शर्मा पर नैनीताल की किशोरी के उत्पीड़न का आरोप है। इस मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चल रहा है। उन पर चल रहे मुकदमे को वापस लेने की शासन ने अपील की थी, जिसे सीजेएम अरुण कुमार ने खारिज कर दिया। सीजेएम ने टिप्पणी करते हुए मामले को जनहित का नहीं माना है। सरकार की अपील को सामाजिक कार्यकर्ता जेपी बडोनी ने सीजेएम कोर्ट में चुनौती दी थी। इतना ही नहीं कोर्ट ने जज दीपाली शर्मा को 21 दिसंबर को पेश होने के आदेश दिए हैं।