highlightPauri GarhwalUttarakhand

सीएम के ऐलान के बाद भी अंकिता के भाई को नहीं मिली सरकारी नौकरी, मां ने दी अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद उत्तराखंड सरकार और प्रशासन ने पीड़ित परिजनों को निष्पक्ष जांच और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया था, लेकिन अंकिता के परिजनों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है. वहीं, सीएम धामी ने अंकिता के भाई को नौकरी देने का आश्वासन दिया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ है, इसको लेकर अंकिता की मां ने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने की चेतावनी दी है.

डीएम से की मुलाकात

अंकिता की मां सोनी देवी ने डीएम डॉ आशीष चौहान से मुलाकात की, सोनी देवी ने कहा की मैंने कई बार सीएम को ज्ञापन भेज चुकी हूँ लेकिन मुख्यमंत्री उन ज्ञापनों का कोई जवाब नहीं दे रहे हैं. सीएम ने बीती 25 सितंबर को फोन कर अंकिता की अंत्योष्टि करने को कहा था। साथ ही कहा कि अंकिता के परिजनों की हर मांग पूरी की जाएगी लेकिन बेटी की मौत को छह माह का समय हो गया है। अभी तक सीएम के वायदे हवा हवाई साबित हो रहे हैं।

मांग पूरी ना होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

सोनी देवी ने कहा कि मेरे पति की तबीयत खराब रहती है और मेरी बेटी अंकिता के जाने के बाद से बेटे की पढ़ाई भी छूट गई है। सीएम के घोषणा के अनुरूप उनके बेटे की पौड़ी में ही सरकारी नौकरी दी जाए. मांग अगर पूरी नहीं होती है तो मैं 6 मार्च से अपने पति और ग्रामीणों के साथ डीएम कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठूंगी।

बता दें कि पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर स्थित गंगा भोगपुर स्थित वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके अन्य दो साथियों ने रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की 18 सितंबर की रात नहर में फेंककर हत्या कर दी थी। पुलकित आर्य उत्तराखंड में बीजेपी के पूर्व नेता विनोद आर्य का बेटा है.

Sakshi Chhamalwan

Sakshi Chhamalwan उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया से जुड़ीं युवा पत्रकार हैं। साक्षी टीवी मीडिया का भी अनुभव रखती हैं। मौजूदा वक्त में साक्षी खबरउत्तराखंड.कॉम के साथ जुड़ी हैं। साक्षी उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल के साथ साथ, देश, दुनिया, और धर्म जैसी बीट पर काम करती हैं।
Back to top button