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उत्तराखंड में गजब : मृत युवक के आधार कार्ड पर जारी कर दिए एक ही कंपनी के 32 सिम

उधमसिंह नगर में एक गजब का मामला सामने आया है। मामला आधार कार्ड और सिम फर्जीवाड़े का है। दरअसल उधमसिंह नगर के बाजपुर में एक मृत युवक के आधार कार्ड से एक ही कंपनी के 32 सिम जारी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में बाजपुर में 3 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। 32 सिम के अलावा कर्नाटक सर्किल के 21 सिम दूसरी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी में पोर्ट करवाने के मामले में साइबर क्राइम पुलिस जांच कर रही थी। जांच की जा रही है कि इन सिमों का उपयोग किस काम के लिए किया जा रहा है और ये नंबर अभी कहां एक्टिव हैं।

खुफिया विभाग ने दी थी सरकार को मामले की जानकारी

आपको बता दें कि खुफिया विभाग ने बाजपुर से एक ही आधार कार्ड पर जियो कंपनी के यूपी वेस्ट सर्किल से 32 सिम जारी होने की रिपोर्ट सरकार को दी थी। जिसके बाद दूरसंचार विभाग भारत सरकार ने उत्तराखंड एसटीएफ को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। साइबर क्राइम सेल ने जांच में पाया कि सिम विक्रेता सूद कालोनी बाजपुर निवासी संदीप गोयल, वार्ड नंबर-सात संजय नगर निवासी गौरव कुमार, वार्ड नंबर-10 चीनी मिल बाजपुर निवासी शुभम ने धीरज कुमार नाम से 14 विभिन्न कूटरचित आधार कार्डों के जरिये जियो यूपी वेस्ट के 32 सिम कार्ड एक्टिवेट करवा लिए थे। इनमें से 21 सिम कार्ड एयरटेल कनार्टक सर्किल में पोर्ट करवा दिए गए। जिसमें से अधिकतर सिम अन्य लोगों को समय-समय पर बिना आइडी के बेचे गए थे।

इनके खिलाफ मामला दर्ज

साइबर क्राइम पुलिस के उपनिरीक्षक विनोद जोशी ने 25 अगस्त को जांच रिपोर्ट देहरादून एसटीएफ एसएसपी को सौंपी थी। अब आरोपित बाजपुर क्षेत्र के संदीप गोयल, गौरव कुमार व शुभम के खिलाफ रविवार को कोतवाली बाजपुर में आइपीसी की धारा 420, 467, 471 के तहत मामला दर्ज कराया गया है।

जिसका आधार कार्ड, उसकी हो चुकी है मौत

जांच में पता चला कि जिस धीरज कुमार के नाम से 32 सिम जारी हुए हैं उसकी 21 जुलाई 2021 को मौत हो चुकी है। धीरज संदीप गोयल की मोबाइल की दुकान में काम करता था। धीरज की आत्महत्या के मामले में भी संदीप कुमार सहित 3 लोगों के खिलाफ 22 जुलाई को मामला दर्ज किया गया था। संदीप कुमार फरार है। धीरज की मौत हो जाने के कारण उसका नाम मुकदमे में शामिल नहीं किया गया है।

एएसपी काशीपुर प्रमोद कुमार ने बताया कि बिना वैध आइडी किसी भी व्यक्ति को सिम जारी करना अपराध है, क्योंकि ऐसे सिम का प्रयोग अवांछित तत्वों द्वारा गैर कानूनी कार्यों में किया जा सकता है। एएसपी ने मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश टीम को दिए हैं।

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