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CAA, NRC के बाद अब NPR लाने की तैयारी, जानें क्या है ये “NPR”

breaking uttrakhand newsनई दिल्ली: राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और नागरिकता कानून (सीएए-2019) के बाद अब मोदी सरकार राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) लाने की तैयारी कर रही है। कुछ दिनों पहले ही भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त ने इस बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि असम को छोड़कर देश के अन्य सभी हिस्सों में एनपीआर पर काम शुरू किया जाएगा। एनपीआर का मूल उद्देश्य देश के हर निवासी की पहचान के लिए एक विस्तृत आंकड़ा तैयार करना है। इसमें हर निवासी की जनसांख्यिकी जानकारी के साथ-साथ उनका बायोमेट्रिक भी दर्ज रहेगा।

क्या है एनपीआर ?

-राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के जरिए सरकार देश के हर नागरिक की जानकारी रख सकेगी।

-इसके तहत हर भारतीय नागरिक का बायोमेट्रिक रिकॉर्ड लिया जाएगा और उनकी वंशावली भी दर्ज की जाएगी।

-ऐसे निवासी जो छह महीने या उससे ज्यादा समय से किसी क्षेत्र में रह रहा है, उसके लिए एनपीआर में पंजीकरण कराना अनिवार्य हो जाएगा।

-एनपीआर को सरकार राष्ट्रीय स्तर, राज्य स्तर, जिला, उप जिला व स्थानीय स्तर पर तैयार करेगी।

-एनपीआर तीन चरणों में तैयार किया जाएगा – पहला चरण एक अप्रैल 2020 से लेकर 30 सितंबर 2020 के बीच होगा। इसमें केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर जरूरी आंकड़े जुटाए जाएंगे।

-दूसरा चरण 9 फरवरी 2021 से 28 फरवरी 2021 तक होगा। इसके बाद तीसरा चरण होगा, जिसमें जुटाए आंकड़ों में जरूरी संशोधन किए जाएंगे।

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