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गर्बाधार में चट्टान दरकने से फंसा आदि कैलाश यात्रियों का दल, SDRF ने सभी को सुरक्षित किया रेस्क्यू

तवाघाट- लिपुलेख मार्ग चौथे पिछले कुछ समय से बार-बार भूस्लखन होने से बंद हो जा रहा है। चीन सीमा तक जाने वाला ये मार्ग चौथे दिन भी बंद रहा। लखनपुर में उच्च हिमालय में फंसे आदि कैलाश यात्रियों सहित स्थानीय लोगों को एसडीआरएफ ने रेस्क्यू कर लोहाघाट पहुंचाया।

भू-स्खलन के कारण फंसे लोगों को SDRF ने किया रेस्क्यू

चीन सीमा तक जाने वाला तवाघाट- लिपुलेख मार्ग बार-बार मलबा आने के कारण बंद हो जा रहै है। चार दिन पहले भी चट्टान दरकने से लखनपुर के पास कैलाश यात्रियों का एक दल और स्थानीय लोग फंस गए। जिन्हें एसडीआरएफ ने काफी मशक्कत के बाद शुक्रवार देर शाम तक रेस्क्यू कर लिया।

aadi kailash yatra

दो सौ से ज्यादा लोगों को किया गया रेस्क्यू

लखनपुर के पास बंद मार्ग नहीं खुलने के बाद एसडीआरएफ और पुलिस के साथ एसएसबी के जवानों को भी रेस्क्यू कार्य में लगाया गया। रास्ता बंद होने के कारण करीब साढ़े तीन सौ से ज्यादा लोग उच्च हिमालयी क्षेत्र में फंसे थे। जिसमें से कल देर शाम तक दो सौ से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है।

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पुलिस और एसडीआरएफ की टीम द्वारा काली नदी किनारे मलबे में रस्सियों के सहारे 80 के आसपास लोगों को निकाला गया। जबकि शक्रवार शाम तक डेढ़ सौ के आसपास यात्रियों व स्थानीय लोगों को लखनपुर से पार कराया गया। रेस्क्यू कार्य अभी भी जारी है।

आदि कैलाश यात्रा के दसवें दल को डीडीहाट में रोका

तवाघाट -लिपुलेख मार्ग बंद होने के कारण आदि कैलाश यात्रा के दसवें दल को डीडीहाट में ही रोक दिया गया है। केएमवीएन के डीडीहाट पर्यटक आवास गृह में दल के 18 सदस्यों को छहराया गया है। यात्रा में जा रहा दसवां दल दो दिन पिथौरागढ़ में ही ठहरा थे। जिसके बाद अब डीडीहाट में प्रवास कर रहा है।

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Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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