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अडानी ग्रुप लेगा दुनिया की सबसे बड़ी लॉ फर्म की मदद, अमेरिका में रिश्वतखोरी का है आरोप

अडानी ग्रुप ने अमेरिका में अपने खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों में बचाव के लिए दुनिया की सबसे बड़ी लॉ फर्म का सहारा लेने का फैसला किया है। अडानी ग्रुप ने अमेरिका की टॉप लॉ फर्म्स Kirkland & Ellis और Quinn Emanuel Urquhart & Sullivan LLP को हॉयर किया है। गौरतलब है कि अडानी ग्रुप अमेरिका में रिश्वत के मामलों का सामना कर रहा है।

अमेरिका में रिश्वतखोरी का आरोप

दरअसल 21 नवंबर को अमेरिकी अधिकारियों ने गौतम अडानी और कुछ अन्य लोगों पर अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) को सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) से सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने में मदद के लिए भारत के सरकारी अधिकारियों को 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा रिश्वत देने का आरोप लगाया था। इसके बाद से ही अडानी ग्रुप सवालों के घेरे में आ गया था। ग्रुप के खिलाफ जांच शुरू हो गई थी और वारंट भी जारी हो गया था।

कई गंभीर आरोप हैं शामिल

अडानी ग्रुप के रंजीत गुप्ता और रुपेश अग्रवाल पर FCPA का उल्लंघन करने की साजिश का आरोप हैं। अमेरिका में लगे आरोपों में भारतीय सरकारी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए रिश्वतखोरी शामिल है। कनाडा के संस्थागत निवेशक CDPQ से जुड़े सिरिल कैबनेस, सौरभ अग्रवाल और दीपक मल्होत्रा ​​पर न्याय में बाधा डालने की साजिश का आरोप है, जिसमें सबूतों को नष्ट करना या बदलना और जांच के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी को रोकना शामिल है।

कई बड़ी कंपनियों के लिए किया है काम

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक क्विन इमैनुएल का ऑफिस लॉस एंजिल्स में है। फर्म का कहना है कि इसके वकीलों ने 2300 से ज्यादा मामलों को हैंडल किया है और उनमें से 88% में जीत हासिल की है। कंपनी ने 70 बिलियन डॉलर से ज्यादा के फैसले और समझौते जीते हैं। कंपनी ने गूगल, एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट और उबर जैसी बड़ी कंपनियों के लिए भी काम किया है।

वहीं दूसरी ओर, किर्कलैंड एंड एलिस का हेडक्वार्टर शिकागो में है। फर्म ने एप्पल, गूगल और फेसबुक जैसी बड़ी कंपनियों का प्रतिनिधित्व किया है। इसके अलावा, इस लॉ फर्म ने जॉनसन एंड जॉनसन और फॉक्सवैगन जैसी कंपनियों के लिए भी केस लड़ा है

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