
पौड़ी : पौड़ी में गढ़वाली कमीश्नरी के 50 साल पूरे होने पर सुनैरो गढ़वाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। सरकार ने पौड़ी में इस उपलक्ष्य में कैबिनेट बैठक भी की। मंत्री और विधायकों ने सोशल मीडिया पर अपने स्टेटस गढ़वाली में लिखे, लेकिन सभा में ज्यादातर हिंदी में ही बोलते नजर आए। इन सबके बीच गढ़वाल आयुक्त बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने अपना पूरा संबोधन गढ़वाली में किया।
बीवीआरसी पुरुषेत्तम ने गढ़वाली में ही बताया कि पौड़ी के लिए क्यों आज का दिन महत्वपूर्ण है। उन्होंने उत्तराखंड के प्रति प्यार को दिखाते हुए कहा कि ये देवभूमि है। इस देवभूमि का ही प्यार है कि मैं गढ़वाली में बोल पा रहा हूं। ये भाषा की ताकत है कि गढ़वाली ने मुझे अपनी ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि अपनी भूमि से प्यार करो। इसे छोड़कर मत जाइये।
भाषा का महत्व बताए हुए गढ़वाली में ही कहा कि इ भाषा ही छ कि दक्षिण भारत कु आदमी गढ़वाली मा अपणी बात बोलणु छ। इस पर पूरा पांडाला तालियों से गूंज उठा, लेकिन किसी ने उनसे सीख नहीं ली। उत्तराखंड के मैदानी हो चले नेताओं ने गढ़वाली के बजाय हिंदी में ही अपनी बातें रखी। जबकि ये मौका गढ़वाली में तैयार किए गए पाठ्क्रम की किताबों के विमोचन का भी था। बहरहाल बीवीआरसी पुरुषोत्तम एक सीख देकर जा रहे हैं।