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उत्तराखंड : तो क्या डेढ़ लाख कैश हाथ में देकर चले गए NSA अजीत डोभाल!

पौड़ी : केंद्र की मोदी सरकार के साथ राज्य की त्रिवेंद्र सरकार डिजीटल इंडिया की बात करती है लेकिन देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार लगता है डिजीटल इंडिया से काफी दूर है. देश की सुरक्षा का जिम्मा उनके हाथों में है लेकिन भारी रकम लिफाफे में देकर कहा जा सकता है कि सुरक्षा की दृष्टि से ये उचित नहीं है. पीएम मोदी सुरक्षा को देखते हुए देश को डिजिलट इंडिया बनाने चाहते हैं ताकि देश के लोगों के खाते और मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे. केंद्र की तर्ज पर ही राज्य की त्रिवेंद्र सरकार ने भी डिजिटल इंडिया की चमक बिखेरने की कोशिश की है लेकिन ये चमक शायद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तक नहीं पहुंची तभी तो वो मंदिर समिति को डेढ़ लाख रुपये यूं ही हाथ में थमा कर चल दिए.

बीते दिनों अपने पैतृक गांव पहुंचे थे अजीत डोभाल

दरअसल बीते दिनों एनएसए डोभाल कुलदेवी की पूजा के लिए अपने पैतृक गांव घीड़ी पहुंचे जहां उन्होंने परिवार समेत पूजा की और गांव के लोगों द्वारा उनका ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया. इस दौरान अजीत डोभाल सभी गांव वालों से मिले औऱ उनका हाल चाल जाना. इस दौरान अजीत डोभाल के साथ उनकी पत्नी, बेटा विवेक और पोती मौजूद रहे. उन्होंने सरकारी प्रोटोकॉल से दूर एक साधारण व्यक्ति की तरह उन्होंने अपने गाँव में समय बिताया।

 पीएम मोदी की देश को डिजिटल बनाने की मुहिम में खलल डालने जैसा है

वहीं इसके बाद उन्होंने मंदिर के नाम डेढ़ लाख रुपए दान किए। जो लिफाफा वो बगल खड़े आदमी को थमा रहे हैं, जो की आप इस वीडियो में देख सकते हैं, जिसे देते वक्त वो कह रहे हैं कि मंदिर के रख-रखाव के काम आएगा ये। लेकिन लिफाफे के आकार को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसमे डेढ़ लाख कैश हैं कोई चेक नहीं है. डिजिटल की दुनिया में इतनी बड़ी हस्ती ने लाख से ऊपर की रकम यूं ही हाथ में थमा कर चल दिए  जो की सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है और साथ ही पीएम मोदी की देश को डिजिटल बनाने की मुहिम में खलल डालने जैसा है.

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