गार्ड की नौकरी करने पर मजबूर उत्तराखंड का MMA फाइटर, जानें कौन हैं Virendra Singh

देहरादून के एक शादी समारोह में सिक्योरिटी गार्ड की वर्दी पहनकर गाड़ियों की पार्किंग कराते युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। लोगों को लगा ये भी बाकी कर्मचारियों की तरह दिहाड़ी पर काम करने वाला एक सामान्य युवक है। लेकिन असली पहचान सामने आने के बाद हर कोई हैरान रह गया। उत्तराखंड का गोल्ड मेडलिस्ट MMA फाइटर शादी में पार्किंग कराता नजर आया।
गार्ड की नौकरी करने पर मजबूर उत्तराखंड का MMA फाइटर
दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। जिसमें एक युवक 500 रुपए की दिहाड़ी पर देहरादून में पार्किंग कराता नजर आ रहा हैं। हालांकि वो कोई सिक्योरिटी गार्ड नहीं, बल्कि उत्तराखंड का गोल्ड मेडलिस्ट MMA फाइटर है। वायरल वीडियो में और कोई नहीं बल्कि वीरेंद्र सिंह हैं। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के रहने वाले राष्ट्रीय स्तर के MMA फाइटर, जिन्होंने कई प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीते हैं।
Virendra Singh 500 रुपए की दिहाड़ी पर करते है नौकरी
हर महीने उसकी ट्रेनिंग, डाइट और प्रतियोगिताओं की तैयारी में करीब 20 हजार रुपए का खर्चा होता हैं। तो वहीं उनका गुजारा 500 रुपए प्रतिदिन की दिहाड़ी से होता है। वो आर्थिक तंगी से जुझ रहे हैं। उसके बाद भी वो कहते है कि, “मैं रुकूंगा नहीं, मेरा सपना भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना है।”
वीडियो से सामने आया खिलाड़ी का स्ट्रगल
शादी समारोह में पार्किंग ड्यूटी से वीरेंद्र का वीडियो वायरल होने के बाद सवाल उठने लगे कि आखिर क्या पहाड़ के एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को खेल का खर्च निकालने के लिए दिहाड़ी करनी पड़ेगी?
पिथौरागढ़ के गांव से शुरू हुआ सफर
राष्ट्रीय स्तर पर कई गोल्ड मेडल जीत चुके उत्तराखंड के 26 साल के MMA फाइटर पिथौरागढ़ जिले के चिन्खाली गांव के रहने वाले हैं। SSB में कार्यरत पिता त्रिलोक सिंह ने सीमित संसाधनों के बावजूद बेटे के सपनों को सपोट किया। उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीते हैं।
वीरेंद्र जीत चुके है कई मेडल
वीरेंद्र ने पहले बॉक्सिंग में जिला और राज्य स्तर पर गोल्ड मेडल जीते। बाद में अंतरराष्ट्रीय MMA फाइटर अंगद बिष्ट से प्रेरित होकर प्रोफेशनल MMA में कदम रखा। साल 2024 से वो देहरादून की म्यूटेंट MMA एकेडमी में ट्रेनिंग ले रहे हैं।
हर महीने 20 हजार का खर्च, गार्ड की नौकरी करने पर मजबूर
लेकिन एक खिलाड़ी की जिंदगी सिर्फ मेडल जीतने से नहीं चलती। वीरेंद्र बताते हैं कि MMA की ट्रेनिंग, डाइट, जिम, सप्लीमेंट और प्रतियोगिताओं का खर्च हर महीने करीब 20 हजार रुपये है। इसी खर्च को पूरा करने के लिए वीरेंद्र शादी समारोहों में 500 रुपये की दिहाड़ी पर पार्किंग ड्यूटी करते हैं। साथ ही घंटों पसीना बहाकर ट्रेनिंग भी करते हैं।