Bahart Tiwari Encounter में SC का तुरंत सुनवाई से इनकार, की गई थी CBI जांच की मांग

Bahart Tiwari Encounter Case: भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। इसी मामले को लेकर जनहित याचिका दाखिल की गई थी। जिसपर अब सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। दरअसल 21 जून को SC के वकील विशाल तिवारी द्वारा ये याचिका दाखिल की गई थी। एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई थी। साथ ही एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी स्वतंत्र जांच समिति गठित का अनुरोध किया था।
भरत तिवारी एनकाउंटर में SC का तुरंत सुनवाई से इनकार Bahart Tiwari Encounter Case
बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ था। इसी को लेकर वकील ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में जल्द सुनवाई की मांग की थी। आज 22 जून को जस्टिस बी. वी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच इस मामले में दायर याचिका को खारिज कर तुरंत सुनवाई की मांग को इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के सामने याचिकाकर्ता को मेंशनिंग करने का निर्देश दिया है।
क्या है बिहार का भरत तिवारी एनकाउंटर मामला?
बिहार के भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी का पुलिस के साथ हुई इस कथित मुठभेड़ में एनकाउंटर किया गया। भरत के दोनों घुटनों और जांध में चार गोलियां मारी गई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जिसके बाद से ये मामला सोशल मीडिया पर काफी गरमाया हुआ है। ये घठना 17 जून की है।
फर्जी था एनकाउंटर!
तो वहीं परिवार इसे फर्जी एनकाउंटर बता रहे है। उनके अनुसार ये सोची-समझी हत्या है। परिवार ने दावा किया कि भरत ने पुलिस के आगे अपने हथियार फेंक कर आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया था। लेकिन उसके बाद भी उसपर गोलिया चलाई गईं।