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उत्तराखंड ट्रैक से कहां गायब हो रहे लोग!, क्या सच में ले गई आछरियां?

आखिर उत्तराखंड के ट्रैक्स से लोग कहां गायब हो रहे हैं? पहली दयारा बुग्याल ट्रैक से बबीता पांडे और दूसरे पिंडारी ग्लेशियर के ट्रैक से अभिषेक चौहान। इन दोनों के ही अचानक यू गायब हो जाने से कई सवाल पैदा हो गए। सोशल मीडिया पर तो ये चर्चा का विषय बना हुआ है।

लोग कह रहे है कि इन्हें आछरियां लेकर चली गई। ऐसे में क्या सच में लोगों को इन ट्रैक्स से परियां ले जा रही है? क्या एक बार फिर उत्तराखंड में जीतू बगडवाल वाली कहानी दोहराई जा रही हैं? या फिर इन लोगों के गायब होने की वजह कुछ और ही है? चलिए जानते है इस आर्टिकल में।

दो अलग ट्रैक, दो अलग लोग, रहस्यमयी वादियों में गायब

दो अलग-अलग ट्रैक, दो अलग-अलग लोग उत्तराखंड की रहस्यमयी वादियों से अचानक ऐसे गायब हो जाते हैं जैसे वो लोग कभी यहां आए ही नहीं थे। कोई शोर नहीं, कोई संघर्ष के निशान नहीं, बस इंसान अचानक लापता। पिछले कुछ दिनों में उत्तराखंड के दो अलग-अलग ट्रैक्स से दो लोग ठीक ऐसे ही गायब हो गए।

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बबीता पांडे दयारा बुग्याल ट्रैक से गायब

पहली हैं बबीता पांडे जो दयारा बुग्याल ट्रैक पर गई थीं। हैरत की बात ये है कि ठीक उसी दौरान पिंडारी ग्लेशियर के ट्रैक से भी 28 साल के अभिषेक चौहान लापता हो गए।

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एक ही समय, दो अलग जगह, दो अलग-अलग लोग और दोनों का अब तक कोई सुराग नहीं। क्या ये सिर्फ इत्तेफाक है या फिर कुछ ऐसा हो रहा है जिसे हम समझ नहीं पा रहे?

क्या सच में ले गई आछरियां?

इन रहस्यमयी गुमशुदगी को लेकर कुछ लोग इस पूरे मुद्दे में आछरियों को भी ले आए हैं। वहीं आछरियां जिन्हें परियां भी कहा जाता है। उत्तराखंड की लोककथाओं में इन परियों का जिक्र मिलता है। कहते हैं कि बुग्यालों पहाड़ों वादियों घाटियों में अगर कोई तेज आवाज करता है, चटक रंग के कपड़े पहनता है या जोर-जोर से गाने बजाता है, तो पहाड़ों पर रहने वाली आछरियां या परियां नाराज हो जाती हैं।

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वो इस नाराजगी में ही उसे अपने साथ लेकर चली जाती हैं। इन आछरीयों और परियों के ऊपर उत्तराखंड में ना जाने की कितनी कहानीयां बनी हैं। खैंट पर्वत और जितू बगड़वाल।

बबीता का हुआ किडनैप?

जहां एक तरफ बबीता के घरवालों का कहना है कि बबीता कोई नौसिखिया नहीं थीं। बबीता को ट्रैकिंग की अच्छी खासी नॉलेज थी। परिवार को शक है कि बबीता का किडनैप हुआ है। लेकिन बबीता की खोजबीन करने वाली टीमों ने बबीता को लेकर एक और आशंका जताई है।

किसी जंगली भालू ने बनाया अपना शिकार

इस पूरे मसले को बेहद करीब से देख रहे कुछ लोगों को आशंका है कि बबीता को किसी जंगली भालू ने अपना शिकार बना लिया हो सकता है। जंगल का नियम है भालू जब हमला करता है तो वो अपने पीछे कोई सुराग कोई निशान नहीं छोड़ता। लिहाज़ा अब रेस्क्यू टीमें पहाड़ की गहरी और अंधेरी गुफाओं में बबीता की तलाश कर रही हैं।

पिंडारी ट्रैक से गायब अभिषेक चौहान का भी अता पता नहीं

वहीं दूसरी तरफ कुमाऊं के पिंडारी ट्रैक से गायब हुए अभिषेक चौहान को लेकर भी जांच टीमों ने कुछ ऐसा ही अंदाजा लगाया है। जांच टीमों ने शक जताया है की हो सकता है कि अभिषेक पर भी किसी भालू ने हमला किया हो। जिस वजह से अब तक अभीषेक का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा।

रेस्क्यू टीमों की खोजबीन जारी

अभिषेक को आखिरी बार खाती गांव में देखा गया था। बेटे की इस रहस्यमयी गुमशुदगी से टूट चुके पिता ने अभिषेक का पता बताने वाले को 10 लाख रुपये का इनाम देने की बात कही है। फिलहाल पुलिस रेस्क्यू टीमें और लोकल लोग दिन-रात एक कर रहे हैं। लेकिन रहस्यमयी तरीके से लापता हुए इन दोनों ट्रैकर्स का 8-10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
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