पानी की टंकी पर चढ़कर आत्मदाह की धमकी देना पड़ा भारी, ज्योति रौतेला समेत कई पर केस दर्ज

परेड ग्राउंड में स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर आत्मदाह की धमकी देना कांग्रेस नेता समेत नर्सिंग अभ्यर्थियों को भारी पढ़ गया है। देहरादून पुलिस ने आत्मदाह की धमकी देने और सरकारी कार्यों में बाधा डालने पर कांग्रेस की महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत अन्य व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पानी की टंकी पर चढ़कर आत्मदाह की धमकी देने पर केस दर्ज
बता दें 11 मई को कांग्रेस की महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला और नर्सिंग बैरोजगार संगठन के अन्य सदस्य अपनी मांगों को लेकर परेड ग्राउंड में स्थित प्रतिबंधित पेयजल विभाग की पानी की टंकी में चढ़ गए थे। पुलिस के अनुसार काफी समझाने पर भी वे नीचे नहीं उतरे। साथ ही अपनी मांगों को मनवाने के लिए वे दबाव बना रहे थे। संगठन के अन्य प्रदर्शनकारियों ने टंकी के नीचे एकत्रित होकर धरना-प्रदर्शन किया।
ज्योति रौतेला ने खुद पर पेट्रोल डालकर दी आग लगाने की धमकी
मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाने-बुझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने झुकने से इनकार कर दिया। 12 मई को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने जबरन अपनी मांगों को मनवाने के लिए अपने पैट्रोल डालकर आग लगाने की धमकी दी। इस दौरान संगठन के अन्य लोगों ने सड़क जाम कर दी। प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन देकर मुख्य सड़क मार्ग को खुलवाया गया था।
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केस दर्ज होने पर सामने आया ज्योति रौतेला का बयान
मुकदमा दर्ज होने के बाद अब ज्योति रौतेला का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा मैंने एसएसपी देहरादून का बयान देखा, जिसमें उन्होंने कहा है कि जो लोग टंकी पर चढ़े हैं उन पर वैधानिक कार्यवाही होगी। मैं एसएसपी से निवेदन करती हूं कि उन बच्चों पर कोई कार्यवाही ना हो, उनके भविष्य का सवाल है। आपको जो भी कार्यवाही करनी है मेरे ऊपर कीजिये। मैं कानूनी लड़ाई लड़ने को भी तैयार हूं।
कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती है ज्योति रौतेला
ज्योति रौतेला ने कहा 60 घंटे बाद नर्सिंग कर्मियों के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के बाद हमने अपना धरना स्थगित किया। मैंने कल अपने ऊपर पेट्रोल डाला था, लेकिन सरकार द्वारा तब भी कोई एक्शन नहीं लेना स्प्ष्ट बताता है कि इस सरकार के राज में महिलाओं और बेटियों की कोई सुनवाई नहीं है। आज मैं कोरोनेशन अस्पताल में हूं, डॉक्टर ने बताया गया है कि मेरे शरीर में काफी हिस्सा जला है। सरकार द्वारा मुझे 24 घंटे बाद हॉस्पिटल में लाना सरकार की असंवेदनशीलता दर्शाता है।