
उत्तराखंड में निवेश के नाम पर जनता से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का नैनीताल पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी के निर्देश पर की गई कार्रवाई में करीब 6 करोड़ 80 लाख के वित्तीय घोटाले के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों ने भोले भाले लोगों को अधिक ब्याज और गारंटी का झांसा देकर उनकी मेहनत की कमाई हड़पकर फरार हो गए थे।
देवभूमि बहुदेशीय स्वायत्त सहकारिता नाम से बनाई थी संस्था
2023 में शिकायतकर्ता ने रामनगर पुलिस को तहरीर दी थी। मामला लंबे समय से लंबित था। एसएसपी के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ़्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने देवभूमि बहुदेशीय स्वायत्त सहकारिता नाम की संस्था 2017 में हल्द्वानी और रामनगर में खोली थी। उत्तराखंड सरकार से पंजीकरण का हवाला देकर उन्होंने अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल सहित कई जिलों के भोले-भाले लोगों से भारी निवेश कराया। हजारों निवेशकों से करीब 6 करोड़ 80 लाख रुपए एकत्र किए गए, जिन्हें संस्था के संचालकों ने गबन कर लिया।
लोगों के पैसे लेकर फरार हो गए आरोपी
पुलिस जांच में पाया गया कि संस्था के अध्यक्ष हेमचंद पंत और सचिव विकास दुर्गापाल अपने सहयोगियों के साथ धनराशि हड़पकर फरार हो गए थे। दोनों शाखाएं बंद मिलीं और आरोपियों के बैंक खातों में करोड़ों रुपए के लेन-देन का खुलासा हुआ। न्यायालय से वारंट और कुर्की आदेश प्राप्त कर दिल्ली, हरियाणा और लखनऊ तक दबिश दी गई। आखिरकार 4 फरवरी 2026 को पुलिस टीम ने दोनों मुख्य आरोपियों को लालकुआं क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपियों के खिलाफ पहले से दर्ज थे मुक़दमे
आरोपियों की पहचान हेमचंद पंत (45 ) निवासी नैनीताल और विकास दुर्गापाल (41 ), निवासी नैनीताल के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि आरोपियों के खातों से करीब 2 करोड़ 26 लाख और 4 करोड़ 58 लाख की राशि प्राप्त हुई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ रामनगर और मुखानी थानों में धोखाधड़ी से जुड़े कुल तीन मुकदमे दर्ज हैं। साथ ही गिरोह में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी संभावना जताई गई है, जिनकी तलाश जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।