
रुड़की के भगवानपुर थाना क्षेत्र के बिनारसी गांव में संत रविदास जयंती की शोभायात्रा के बाद भड़की हिंसा ने खूनी रूप ले लिया। दो गुटों के बीच हुए जबरदस्त टकराव में फायरिंग और पथराव के दौरान अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तीन लोग गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हैं। गांव में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
रविदास जयंती की शोभायात्रा के बाद भड़की हिंसा
जानकारी के मुताबिक, रविदास जयंती की शोभायात्रा के दौरान किसी बात को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई थी। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए विवाद को शांत करा दिया था। हालात को भांपते हुए पुलिस ने शोभायात्रा को समय से पहले ही संपन्न करा दिया, लेकिन शोभायात्रा खत्म होते ही दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए। इसके बाद विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से जमकर फायरिंग शुरू हो गई। इसी दौरान पथराव भी हुआ।
एक पक्ष की ओर से दूसरे पक्ष के घरों में की आगजनी और तोड़फोड़
फायरिंग में आनंद पुत्र लक्ष्मीचंद को गोली लग गई, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं आनंद का भाई विकास और योगेंद्र समेत दो अन्य युवक गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को तत्काल रुड़की के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। हिंसा के बाद हालात और बिगड़ गए। एक पक्ष की ओर से दूसरे पक्ष के घरों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं। गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद कई थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर बुलाया गया।
10 से 15 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया
इसी बीच बिनारसी में देर रात एक शव खेत में पड़ा मिला है। मृतक की पहचान मांगेराम (45) निवासी रुड़की के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और देर रात ही आनंद और मांगेराम दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।पुलिस ने अब तक 10 से 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।