
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जुड़ी राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी से जुड़े ठिकानों पर ED ने छापेमारी की। हालांकि इसके बाद से ही माहौल गरमाया हुआ है।
ED का आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी ने सबूत मिटाए है। वो छापे के दौरान चुनाव सलाहकार IPAC के प्रमुख प्रतीक जैन के घर से एक लैपटॉप, फोन और कई दस्तावेज साथ ले गईं।
I-PAC Case: सीएम ममता ने मिटाए सबूत!
इसी को लेकर ईडी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ऐसे में अब कल इस मामले की सुनवाई हो सकती है। ममता बनर्जी का दावा है कि राजनीतिक मकसद से ये छापा किया गया था। तो वहीं इडी ने इन आरोपों से इनकार किया। उनके मुताबिक ये छापा किसी भी राजनीतिक संगठन को निशाना बनाकर नहीं किया गया।
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ED ने लगाए आरोप
बता दें कि आज यानी गुरुवार को ईडी ने कोयला तस्करी और मनी लांड्रिंग मामले में बंगाल और दिल्ली के 10 ठिकानों पर छापेमारी की। हालांकि इस कार्रवाई ने नाटकीय मोड़ ले लिया। ईडी ने सीएम ममला बनर्जी पर जांच में बाधा डालने और सबूतों को जबरन ले जाने का गंभीर आरोप लगाया है।
साक्ष्यों को जबरन हटाया
ईडी की माने तो हुआ यू कि तलाशी पेशेवर तरीके से चल रही थी। हालांकि दोपहर को ममता बनर्जी अपने काफिले और भारी पुलिस बल के साथ पहुंची।
जांच एजेंसी ने दावा किया कि ममता ने प्रतीक जैन के आवासीय परिसर में प्रवेश कर महत्वपूर्ण भौतिक दस्तावेज और इलेक्ट्रानिक उपकरण लेकर चली गई। जिसके बाद सीएम का काफिला आई-पैक के कार्यालय पहुंचा। वहां पर भी डिजिटल और सबूतों को हटाया गया।