
अंकिता भंडारी हत्याकांड प्रकरण में हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच की मांग को लेकर आज उत्तराखंड बंद है। इस दौरान मोर्चा कार्यकर्ताओं और व्यापारियों से नोंक झोंक देखने को मिली।
मोर्चा कार्यकर्ताओं और व्यापारियों की हुई नोंक झोंक
बता दें दून उद्योग व्यापार मंडल ने उत्तराखंड बंद को लेकर आपत्ति जताई थी। जिसके चलते पलटन बाजार में कुछ दुकानें बंद थी तो कुछ दुकानें खुली। खुली दुकानों को देख मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बंद करने के लिए कहा इस बात को लेकर मोर्चा कार्यकर्ताओं और व्यापारियों से नोंक झोंक हो गई।
बिना वार्ता के कराया जा रहा दुकानों को बंद: व्यापारी
व्यापारियों का कहना है कि बिना वार्ता किए दुकानों को बंद कराया जा रहा है। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि व्यापार मंडल से बिना वार्ता कर कैसे दुकानों को बंद कराया जा रहा है। हालांकि व्यापारियों ने कहा कि हम दुकानें बंद करने के लिए मना नहीं कर रहे, लेकिन किसी भी तरीके की जोर जबरदस्ती नहीं चलेगी।
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व्यापारियों का कहना है कि हमारा पूरा सहयोग आंदोलनकारियों के साथ है। लेकिन पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि दुकानों को खोलना है या नहीं क्योंकि कल व्यापार मंडल ने कहा था की दुकानों को खोलना है और आज कहा जा रहा है कि दुकानों को बंद रखिये। ऐसे में इसे लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है।
मंच ने सरकार के सामने रखी ये मांगें
मंच ने कहा कि यह घोषणा अस्पष्ट और भ्रमित करने वाली लगती है, क्योंकि इसमें वे मांगें शामिल नहीं हैं जो वे पिछले तीन सालों से लगातार कर रहे हैं। मंच की प्रमुख मांग है कि CBI जांच को हाईकोर्ट की निगरानी में किया जाए। साथ ही जांच के बिंदु स्पष्ट रूप से सार्वजानिक किए जाएं। साथ ही सभी तथ्यों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सामने लाया जाए और उन VIPs को जिनकी वज़ह से यह हत्याकांड हुआ है उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।
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