
Mathura Yamuna Expressway Tragedy: हाल ही में मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर हुए दर्दनाक हादसे ने हर किसी को हैरान-परेशान कर दिया। इस हादसे में करीब 19 लोगों की मौत हुई है। तो वहीं कई अभी भी घायल है। ये हादसा इतना भयानक था कि 15 मृतकों में किसी कि खोपड़ी मिली, किसी के हाथ की हड्डी मिली तो किसी का पैर। किसी का तो सिर्फ एक हड्डी का टुकड़ा ही मिल पाया।
इस भयावह मंजर के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौत है इन शवों की पहचान। परिवार वालों की गुहार है कि किसी भी तरह उनके जानने वालों की अस्थियां दिलवा दो।

किसे के कटे हाथ…,किसी की मिली खोपड़ी
इस हादसे के बाद पुलिस ने मृतकों के डीएनए सैंपल लिए हैं। जिसका मिलान परिवार वालों से कराया जाएगा। इस पूरे प्रोसेस में कम से कम 15 से 30 दिनों का समय लग जाएगा।

सेंपल आगरा की विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। हडि्डयों के बोन मैरो और दांतों के पल्प के डीएनए से पहचान होने की उम्मीद जताई जा रही हैं।

मथुरा यमुना एक्सप्रेस वे हादसे का भयावह मंजर, 19 की मौत
आपको बता दें कि मंगलवार सुबह यमुना एक्सप्रेस वे पर मथुरा के बल्देव में भीषण हादसा हुआ। बस में लगी आग से मृतकों के शरीर के अंग तक नहीं बचे। पुलिस ने जब लोगों को निकालने का प्रयास किया तो उन्हें किसी की हड्डी मिली तो किसी का खोपड़ा। परिवार वाले भी अपने लोगों के अंतिम संस्कार के लिए इधर-से उधर भटक रहे हैं।

बोन मैरो और दांतों के पल्प से होगी पहचान
विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डिप्टी डायरेक्टर अशोक कुमार की माने तो पुलिस ने 19 लोगों के डीएनए सैंपल भेजे हैं। जांच में एक हफ्ते से 15 दिन तक का समय लग सकता है। हडि्डयों के बोन मैरो और दांतों के पल्प के डीएनए से पहचान होने की उम्मीद जताई जा रही हैं।