
वेतन कटौती से परेशान कर्मचारियों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे चीनी मिल के मुख्य गेट पर जनता चीनी श्रमिक संघ के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारियों ने एकजुट होकर गेट मीटिंग की। बैठक में मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की गई।
कर्मचारियों ने लगाया शोषण का आरोप
मिल के कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन उनके साथ लंबे समय से आर्थिक, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि चुप रहना उनके लिए संभव नहीं रहा।
बिना कारण के हो रही वेतन में कटौती
कर्मचारियों ने बताया कि पिछले लगभग एक साल से बिना किसी कारण के उनके वेतन में कटौती की जा रही है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है, बल्कि परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल होता जा रहा है। कई कर्मचारियों ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना अब चुनौती बन चुका है।
श्रमिकों ने दी चेतावनी
श्रमिकों ने चेतावनी दी कि यदि शासन और प्रशासन ने जल्द हस्तक्षेप कर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कराया, तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। कर्मचारियों ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मिल प्रबंधन और प्रशासन की होगी।