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उत्तराखंड में शादी से पहले करा रहे पार्टनर की जासूसी, कई डिटेक्टिव एजेंसियां सक्रिय

शादी को लेकर आजकल लोगों के मन में इतना डर बैठ गया है कि वो कुंडली मिलाने से पहले वो जासूसों के जरिए अपने पार्टनर की कुंडली निकलवा रहे हैं। उत्तराखंड से ऐसी खबरें सामने आई हैं, जहां शादी से पहले पार्टनर्स डिटेक्टिव ऐजेंसियों के जरिए एक दूसरे की जासूसी करवा रहे हैं।

युवाओं में शादी का बढ़ता खौफ

एक जमाना था जहां शादी की नींव ही भरोसे पर टिकी होती थी। माता-पिता और दादा-दादी के दौर में जब रिश्ता पक्का होता था तो उसका मतलब था कि ज़ुबान दे दी गई है। तब लड़का-लड़की एक दूसरे को ठीक से जानते भी नहीं थे, शक्ल शायद शादी के मंडप में ही ठीक से देखते थे। लेकिन एक यकीन था, एक ऐतबार था कि जो भी होगा, अच्छा होगा। लेकिन बदलते वक्त के साथ ये बुनियाद दरकने लगी है।

हाल ही में आपने भी कई ऐसी चौंकाने वाली खबरें सुनी होंगी। जहां कहीं पर पत्नी ने पति की हत्या कर उसे ड्रम में डाल दिया है। तो कहीं पति ने अपनी पत्नी पर पेट्रोल छिड़कर कर उसे आग के हवाले कर दिया। आपने भी नोटिस किया होगा की कुछ वक्त से ऐसी खबरों का सिलसिला तेज हो गया है। इस सब के बीच कई बार लूटेरी दुल्हनों के भी मामले सामने आए, जो शादी कर सारे जेवरात लेकर भाग जाती है, या फिर तलाक देकर आदमी की प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लेती है।

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वहीं कुछ ऐसे पुरुषों का भी पर्दाफाश हुआ जिनका शादी के बाद भी एक्सट्रामैरिटल अफेयर चल रहा था। इन सब घटनाओं ने कहीं ना कहीं आज की युवा पीढ़ी के मन में शादी को लेकर एक अविश्वास और डर सा पैदा कर दिया है। आप ये जानकर चौंक जाएंगे कि अब लोग अपनी शादी से पहले कुड़ली तो बाद में मिला रहे हैं, इससे पहले जासूसों के जरिए अपने पार्टनर की कुंडली निकलवा रहे हैं। जो अब एक ट्रेंड की तरह बन गया है।

उत्तराखंड में शादी से पहले करा रहे अपने पार्टनर की जासूसी

उत्तराखंड में भी ऐसी कई डिटेक्टिव एजेंसियां सक्रिय हैं। जो मंगेतरों या रिलेशनशिप में रहे रहे युवाओं की जासूसी कर रही हैं। कुछ मिडिया रिपोर्ट्स बताती हैं की उत्तराखंड के हल्द्वानी में ही पिछले दो तीन सालों में प्री और पोस्ट वेडिंग इंवेस्टिगेशन के मामले 30 प्रतिशत तक बढ़े हैं। उत्तराखंड के ही एक प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी की मानें तो जासूसी करवाने का पैकेज प्रतिदिन के हिसाब से ढाई हजार रुपये है। ये इस बात पर भी डिपेंड करता है की संबंधित युवक या युवती को शादी से पहले कितने दिन या कितने साल पुराने इतिहास को लेकर जानकारी चाहिए, उसी हिसाब से पैकेज अलग भी होता है।

उत्तराखंड में दो से तीन प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसियां काम करती हैं जो ऑथेंटिक हैं। इस जासूसी के लिए एक स्पेशल टीम होती है। जिनमें सिर्फ चार पांच लोग रहते हैं जो जानकारियां जुटाते हैं। ये अक्सर सीनियर सिटीजन होते हैं और रिटायर्ड लोग होते हैं, जिन्हें आप पार्क में टहलते या चाय की टपरी में अखबार पढ़ते देखते ही हैं। ये लोग घंटों तक संबंधित व्यक्ति पर नजर रखते हैं। उनकी गतिविधियों को ट्रैक करना, उनसे मिलने वाले लोगों की पहचान करते हैं। इसके लिए ये लोग गाड़ियों और छुपे हुए कैमरों का इस्तेमाल भी करते है।

क्लाइंट के सामने सबूतों के साथ दी जाती है ये जानकारियां

इस जानकारी में उस शख्स का पिछला इतिहास, उसका स्वभाव, नेचर, आस पड़ोस में उसकी इमेज, फाइनेंशियल स्टेटस, पुराने रिश्ते और अफेयर्स, बुरी आदतें, क्रिमिनल रिकॉर्ड, परिवार की सच्चाई, उनके बचपन से लेकर अब तक की सारी जानकारी निकाली जाती है। उस शख्स के अतीत से लेकर आज तक का हर पन्ना खोलकर क्लाइंट के सामने सबूतों के साथ रख दिया जाता है।

आज हजारों लोग अपने पार्टनर की जासूसी कराने के लिए लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं। सिर्फ ये जानने के लिए कि जिस इंसान के साथ वो अपनी पूरी जिंदगी गुजारने का ख्वाब देख रहे हैं वो इंसान उसके काबिल है भी या नहीं। लोग इसे ऐसा इनवेस्टमेंट मान रहे हैं जो उन्हें फ्यूचर के किसी बड़े धोखे, दर्द या शायद किसी जानलेवा हादसे से बचा सकता है।

Sakshi Chhamalwan

Sakshi Chhamalwan उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया से जुड़ीं युवा पत्रकार हैं। साक्षी टीवी मीडिया का भी अनुभव रखती हैं। मौजूदा वक्त में साक्षी खबरउत्तराखंड.कॉम के साथ जुड़ी हैं। साक्षी उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल के साथ साथ, देश, दुनिया, और धर्म जैसी बीट पर काम करती हैं।
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