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हल्द्वानी जाकर खाया जहर…, दो भाइयों ने सुसाइड करने के लिए 700 KM का सफर किया तय

हल्द्वानी से एक ऐसा मामला सामने आ रहा है। जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। दरअसल मध्यप्रदेश के दो सगे भाइयों ने हल्द्वानी आकर सुसाइड कर लिया। हैरानी की बात ये है कि सुसाइड करने के लिए वो एमपी से 700 किलो मीटर का सफर तय कर हल्द्वानी आए। जिसके बाद दोनों ने हल्द्वानी पहुंचकर जहर खाया। जहां एक भाई की मौत हो गई। तो वहीं दूसरे की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

दो भाइयों ने 700 KM का सफर तय कर हल्द्वानी में खाया जहर

दरअसल दोनों भाई मध्यप्रदेश के रीवा के रहने वाले है। जानकारी के अनुसार दो सगे भाई शिवेश (21) और बृजेश मिश्रा (20) दोपहर बाद काठगोदाम में भदयूनी को जाने वाले मार्ग पर जंगल में संदिग्ध हालात में बेहोश मिले। वहां से गुजर रहे प्लांट के ऑपरेटर ने पुलिस को इसकी सूचना दी। उनके पास से सल्फास के रेपर बरामद हुए। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को एसटीएच में भर्ती कराया गया। जहां पर शिवेश ने दम तोड़ दिया। तो वहीं बृजेश का इलाज चल रहा है। उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

माता-पिता की मौत का था सदमा?

खबरों की माने तो शिवेश और बृजेश के माता-पिता की कुछ समय पहले ही मौत हुई थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसी के सदमे में दोनों ने आत्मघाती कदम उठाया। दोनों अपनी दादी के साथ रहते थे। शिवेश के शव को मोर्चरी में रखा गया हैै। परिवार वालों के आने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।

23 अक्तूबर से किसी से नहीं की बात

पुलिस को मौके से बैग मिले। जिसमें दोनों भाइयों के आधार और पैन कार्ड बरामद हुए। युवकों के मिले मोबाइल फोन फार्मेट किए गए थे। जिसके चलते कॉन्टेक्ट लिस्ट में कोई नंबर नहीं मिला। कॉल डिटेल के लिए सीडीआर निकालनी पड़ी।

जिसमें पता चला कि उन्होंने 23 अक्टूबर से किसी से भी बातचीत नहीं की। युवक काठगोदाम कब आए, इसकी जानकारी पुलिस को नहीं है। साथ ही दोनों भाइयों ने ये कदम क्यों उठाया इस बात का पता परिजनों के आने के बाद ही लगेगा।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल मीडिया से जुड़ी युवा पत्रकार उमा कोठारी इस समय खबर उत्तराखंड.कॉम के साथ काम कर रही हैं। उमा अलग-अलग बीट पर खबरें लिखती हैं, जिनमें देश-दुनिया की राजनीतिक गतिविधियों की अहम खबरें, मनोरंजन, खेल और ट्रेंड से जुड़ी अपडेट शामिल हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करते हुए वे ट्रेंड और तथ्य दोनों का संतुलन बनाए रखती हैं, ताकि पाठकों तक सही और ज़रूरी जानकारी पहुंचे।
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