
देश भर में इन दिनों गणपति पूजन और विसर्जन किया जा रहा है। घरों में पूजा-अर्चना कर नदियों और तालाबों में पहुंच रहे हैं, ताकि वहां भगवान गणेश की मूर्ति को विसर्जित कर सके। लेकिन कर्नाटक के बेंगलुरु में कुछ ऐसा हुआ कि 10 घंटे तक गोताखोरों को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा।
विसर्जन के समय चैन निकालना भूला परिवार
दरअसल, यहां एक परिवार ने पूजा के वक्त गणेश भगवान को सोने की चैन पहनाई थी। विसर्जन के समय वो सोने की चैन को निकालना भूल गए और प्रतिमा विसर्जित कर दी। बाद में जब याद आया तो चैन की तलाश शुरु की गई। करीब 10 घंटे की मेहनत के बाद चैन को पानी से निकाला गया।
दसाराहल्ली इलाके की घटना
ये घटना बेंगलुरु के विजयनगर के दसाराहल्ली इलाके की है। यहां रमैया और उमादेवी ने अपने घर में गणेश की प्रतिमा स्थापित की थी। उन्होनें प्रतिमा को फूलों और ज्वेलरी से खूब सजाया था। उन्हें 60 ग्राम की सोने की चेन भी पहनाई थी जिसकी कीमत 4 लाख रुपये थी। गुरुवार की रात को जब वे लोग प्रतिमा को विसर्जित करने गए तो अपने साथ मोबाइल टैंक ले गए और चेन निकालना भूल गए। विसर्जन के बाद घर आकर उन्हें चेन की याद आई जिसके बाद उन्होनें मगाडी रोड थाने में जानकारी दी।
टैंक में मिट्टी से निकली चैन
विधायक प्रिया किशोर भी मदद के लिए पहुंची और टैंक के आसपास लोगों ने चेन को ढूंढना शुरु किया। जिसके बाद टैंक को खाली करने का फैसला किया गया। इसमें करीब 10 हजार लीटर पानी था। सारा पानी निकालने के बावजूद चेन नहीं मिली। जिसके बाद आखिर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद बची मिट्टी में ढूंढा गया जिसमें से चेन मिली। तब जाकर सभी ने राहत की सांस ली।