Chardham Yatra : चारधाम यात्रा पर आने का है प्लान, तो जान लें ये नियम, वरना हो जाएंगे परेशान

अगर आप चारधाम यात्रा पर आने का प्लान बना रहे हैं तो ये खबर आपके लिए हैं। चारधाम यात्रा पर आने से पहले आपको कुछ नियमों को जान लेना चाहिए वरना आपका चालान हो सकता है। इसके साथ ही आपको यात्रा के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
यात्रा पर आने से पहले जरूर करा लें रजिस्ट्रेशन
चारधाम यात्रा 10 मई से शुरू हो रही है। यात्रा शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं। चारधाम यात्रा पर आने से पहले आपको रजिस्ट्रेशन जरूर करवा लेना चाहिए। अगर आप पंजीकरण नहीं करवाते हैं तो आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आप ऑनलाइन के साथ ही ऑफलाइन भी पंजीकरण करवा सकते हैं।
सड़क किनारे अवैध रूप से ना खड़े करें वाहन
अगर आप चारधाम यात्रा पर आ रहे हैं तो आपको अपने वाहनों को सड़क किनारे अवैध रूप से खड़ा नहीं करना चाहिए। बता दें कि उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने ऋषिकेश, लक्ष्मणझूला, मुनि की रेती, तपोवन व श्रीनगर में यातायात व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए अधिकारियों को सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अगर आपका वाहन सड़क किनारे अवैध रूप से खड़ा मिलता है तो आप पर चालानी कार्रवाई हो सकती है।
वाहनों के लिए जरूर बनवा लें ग्रीन कार्ड
चारधाम यात्रा पर आप अपनी गाड़ी से आ रहे हैं तो आपको बिना ग्रीन कार्ड के यात्रा मार्गों पर एंट्री नहीं मिलेगी। यात्रा पर जाने के लिए ग्रीन कार्ड बनवाना अनिवार्य है। आपको बता दें कि हल्के वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड का शुल्क 400 रुपए को भारी वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड शुल्क 600 रूपए तय किया गया है। इसके साथ ही गाड़ी में फर्स्ट ऐड बॉक्स रखना भी जरूरी है। इसके साथ ही वाहन का ट्रिप कार्ड हर ट्रिप के लिए जरूरी है।
दर्शन के लिए टोकन सिस्टम
चारधाम में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को लंबी-लंबी कतारें नहीं लगानी पड़ेगी। श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हो इसलिए धामों के दर्शन के लिए टोकन, स्लॉट की व्यवस्था शुरू की गई है। इस व्यवस्था के लागू होने से यात्रियों को दर्शन के लिए घंटों लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।
चारधाम में श्रद्धालुओं की प्रतिदिन की संख्या सीमित
चारधाम यात्रा में इस बार सरकार ने हर दिन दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सीमित कर दी है। बता दें कि केदारनाथ धाम में एक दिन में 15 हजार श्रद्धालु, बद्रीनाथ धाम में 16 हजार, गंगोत्री में 11 हजार तो यमनोत्री में 9 हजार श्रद्धालु ही दर्शन कर पाएंगे। बता दें कि पिछले साल एक दिन में 60 हजार से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे थे।