highlightNainital

रामनगर की लीची को मिला GI Tag, जानें क्यों खास है रोज सेंटेड लीची

रामनगर की लीची को अब विश्वभर में एक नई पहचान मिल गई है। रामनगर की लीची को जीआई टैग मिल गया है। भौगोलिक संकेतांक मिलने पर काश्तकार खुश हैं। रामनगर की केवल रोज सेंटेड लीची को ही जीआई टैग मिला है।

रामनगर की लीची को मिला GI Tag

रामनगर की रोज सेंटेड लीची को ही जीआई टैग मिल गया है। अब इस लीची को देश के साथ ही विदेशों में भी पहचान मिलेगी। लीची को जीआई टैग मिलने से काश्कार काफी खुश हैं। बता दें कि रामनगर की लीची देश के अन्य राज्यों में भी अपने स्वाद का जलवा बिखेरती है। इसे खरीदने के लिए दिल्ली, नोएडा समेत अन्य महानगरों के व्यापारी सीजन में रामनगर में ही अपना डेरा डाल लेते हैं।

हार्ट शेप की होती है रोज सेंटेड लीची

आपको बता दें कि रामनगर में कई प्रजाति की लीचियों का उत्पादन किया जाता है। जिसमें से रोज सेंटेड लीची को जीआई टैग दिया गया। जीआई टैग उत्पाद की विशेषता की पहचान होती है। रोज सेंटेड लीची हदृयाकार होती है। इसका औसत भार 18 ग्राम तक होता है। रोज सेंटेड लीची का बीज बड़ा होता है और ये लीची बड़े-बड़े गुच्छों में होती है।

बेहद खास है रोज सेंटेड लीची

रोज सेंटेड लीची का छिलका पतला होता है जो कि लाल और बैंगनी रंग का मिश्रित होता है। इस लीची की खासियत ये है कि ये खाने में बेहद ही मीठा होता है और इसकी खुशबू बिल्कुल गुलाब की तरह मीठी होती है। इस लीची में शर्करा की मात्रा लगभग 12.80 प्रतिशत और अमल की मात्रा भी 0.32 प्रतिशत तक होती है। इसके साथ ही इसकी एक खासियत ये भी है कि इसका ऊपरी भाग मोटा होता है जिस कारण इसमें जल्दी कीड़ा नहीं लगता और फल सुरक्षित रहता है।

गुणों से भरपूर होती है लीची

लीची खाने से कई फायदे होते हैं। लीची के सेवन से पानी की कमी दूर होती है। लीची विटामिन बी, विटामिन B-6, नियासिन, राइबोफ्लेविन, फोलेट, तांबा पोटैशियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे तत्व पाए जाते हैं। इसके साथ ही लीची के सेवन से पेट में ठंडक बनी रहती है।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
Back to top button