
एसीएस राधा रतूड़ी ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग को 30 नवम्बर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही शहरी विकास विभाग को शहरी क्षेत्रों में प्लास्टिक और कूड़ा निस्तारण के लिए जल्द से जल्द एक मजबूत सिस्टम तैयार करने के लिए सख्त हिदायत दी है।
30 नवम्बर तक सड़कों को किया जाए गड्ढा मुक्त
मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की सोमवार को एसीएस राधा रतूड़ी ने समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग को 30 नवम्बर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने और शहरी विकास विभाग को शहरी क्षेत्रों में प्लास्टिक और कूड़ा निस्तारण के लिए जल्द से जल्द एक मजबूत सिस्टम तैयार करने हेतु सख्त हिदायत दी है।
इसके साथ ही एसीएस ने सम्बन्धित अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई घोषणाओं को तेजी से पूरा करने के लिए शासन स्तर से धरातल स्तर तक समय सीमा निर्धारित की जाय। मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन को शीर्ष प्राथमिकता पर लिया जाए।
मुख्यमंत्री घोषणाओं की नियमित हो मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों की समीक्षा बैठकों के क्रम में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में लोक निर्माण, शहरी विकास, आवास और औद्योगिक विकास विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये गए हैं कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की विभागीय सचिव के स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ये सुनिश्चित किया जाए कि सभी घोषणाओं को पूर्ण करने के लिए समय सीमा निर्धारित हो। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून अवधि में अतिवृष्टि के कारण विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों में जो गड्ढे हुए हैं उन सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए तेजी से कार्यवाही की जाए।
निर्माण कार्यों में लाई जाए तेजी
उन्होंने निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों के अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विधायकों द्वारा अपने विधानसभा क्षेत्रों में जिन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किए जाने की अपेक्षा की गई है उनमें त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री द्वारा जनहित में लिये गये निर्णयों पर विभागों द्वारा जो भी कार्य किये जा रहे हैं उनमें समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी कार्य में किसी वजह से परेशानी हो रही है तो उसकी जानकारी उच्च स्तर पर बिना देरी के दी जाए। उन्होंने कहा कि इस बात का ध्यान रखा जाए कि जरूरी कार्यों में देरी ना हो।