Big NewsChar Dham Yatra 2023Uttarakhand

चार धाम यात्रा का आगाज, श्रद्धालुओं में उत्साह तो विपक्ष ने साधे निशाने

देहरादून। उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ चार धाम यात्रा का आगाज हो चला है। चार धाम यात्रा को लेकर इस बार भी श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि पिछले साल जहां उत्तराखड में चार धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं का एक रिकार्ड आंकड़ा 45 लाख से उपर दर्ज किया गया था तो वहीं इस बार उम्मीद की जा रही है कि 50 लाख से उपर श्रद्धालुओं का रिकार्ड इस बार की यात्रा में बन सकता है।

कोविड महामारी के बाद ये दूसरा साल है जब यात्रा सुचारू रूप से शुरू की जा रही है। कोविड महामारी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने जहां चारों धामों में एक दिन में दर्शन करने के लिए यात्रियों की संख्या को सीमित करने का काम किया था तो वहीं यात्रा से ठीक पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारों धामों में यात्रियों की संख्या के निर्धारित दर्शन करने के मानक को हटा दिया है। जिसकी सराहना तीर्थपुरोहित और धार धाम यात्रा से जुड़े व्यापारी भी कर रहें है। सरकार के कैबिनेट मंत्री भी मुख्यमंत्री के इस फैसले की सरहाना कर रहें है। कह रहे हैं कि इससे चारों धामों में यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा तो वहीं चार धाम यात्रा से जिन लोगो की आर्थिकी जुड़ी हुई हैउनको भी फायदा होगा।

विपक्ष ने साधा निशाना

लेकिन कांग्रेस सरकार के इस निर्णय को अविवेक पूर्ण बता रही है। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह का है कि पहले या तो सरकार ने तीर्थ पुरोहितों या चार धाम यात्रा से जुड़े व्यापारियों की राय ली होती जो चारों धामों में यात्रियों की संख्या को सीमित करने का काम सरकार ने किया लेकिन जब इसको लेकर विरोध हुआ तो सरकार ने इससे वापस ले लिया इसलिए सरकार को कोई भी काम करने से पहले उसको लेकर आए लेनी चाहिए अन्यथा इस सरकार के पहले फैसले होते हैं और उसके बाद उसे वापस लेने के फैसले होते हैं यह परंपरा चली आ रही है।

माना जा रहा है कि उत्तराखंड के चारों धामों के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचना चाहते है लेकिन धाम में जो सीमित संख्या का आंकड़ा दर्शन करने का था,इससे कुछ श्रद्धालु दिक्कत महसूस कर रहे थे यही वजह है कि मुख्यमंत्री के द्वारा नियम में बदलाव किया गया है। और उम्मीद की जा रही है कि अब श्रद्धालुओं के ऑन लाईन पंजीकरण का आंकड़ा भी बढ़ेगा। अभी तक क्या कुछ आंकड़ा श्रद्धालुओं के पंजीकरण का है आइए प्वाइंटर्स में समझते हैं –

  1. 18 फरवरी से प्रदेश सरकार के द्धारा चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण की व्यवस्था शुरू की गई थी।

2. अब तक केदारनाथ धाम में दर्शन करने के लिए सबसे ज्यादा श्रद्धालूओं के द्धारा दर्शन करने के लिए पंजीकरण किया गया है,जिसके तहत 6 लाख चार सौ 34 लोंगों के ने पंजीकरण करवाया है।

3. बद्रीनाथ धाम में ये आंकड़ा 5 लाख 7 हजार 759 तक पहुंच गया है

4. गंगोत्री धाम में तीन लाख 7 हजार 68 और यमनोत्री धाम के लिए दो लाख 68 हजार 621 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है

5. वहीं उत्तराखंड के पांचवे धाम हेमकुण्ड साहिब के लिए भी 11 हजार 614 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवाया है।

6. चार धामों के साथ अगर हेमकुण्ड साहिब धाम के लिए भी कुल श्रद्धालुओं के पंजीकरण की बात करें तो यह आंकणा 16 लाख 89 हजार 496 तक पहुंच गया है।

शासन को उम्मीद, बनेगा रिकार्ड, बेहतर तैयारी का भी दावा

 उत्तराखंड के मुख्यसचिव एसएस संधू का भी कहना है कि पिछली बार से ज्यादा श्रद्धालूओं के इस बार चार धा यात्रा पर आने की उम्मीद है। इसलिए सरकार के द्धार पिछले साल की तुलना में इस साल ज्यादा बेहतर तैयारियां की गई है।

पिछले साल चार यात्रा में कुछ अव्यवस्था भी देखने को मिली थी जिस वजह से यात्रा के दौरान करीब 200 से कुछ ज्यादा लोगों की मौत का आंकड़ा भी सामने आया था वहीं घोडे खच्चरों की मौत के आंकड़े ने भी सबकों चौंका दिया था ऐसे में सरकार के लिए इस साल पिछले साल की तुलना में ज्यादा बेहत सुविधाएं यात्रियों को देने की जिम्मेदारी है क्योंकि सरकार का ही अनुमान है कि इस बार पिछले साल की तुलना में ज्यादा श्रद्धालुओं की इस बार पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में देखना ये होगा कि आखिर जब चार धाम यात्रा अपने पीक पर होगी तो फिर सरकार की तैयारियों से श्रद्धालु कितने खुश नजर आते हैं।

मनीष डंगवाल की रिपोर्ट

Back to top button
उत्तराखंड की हर खबर
सबसे पहले पाने के लिए!
📱 WhatsApp ग्रुप से जुड़ें