
दुनिया भर में कोरोना का कहर जारी है। वहीं इस बीच भारत से शर्मनाक हरकतें लोगों की सामने आई है जिसमे लोगों द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया। इस हमले में कई डॉक्टर और पुलिकर्मी घायल भी हुए हैं। दिन रात एक कर डॉक्टर अपनी जान की परवाह किए बगैर दूसरों की जान बचा रहे हैं लेकिन फिर भी लोग उनका साथ देने की बजाए उन पर हमला कर रहे हैं जो की निंदनीय है। वहीं डॉक्टरों की सुरक्षा को देखते हुए आज मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक हुई जिसमे एक अहम अध्यादेश लाया गया।
3 महीने से लेकर 7 साल तक की सजा का प्रावधान
जी हां इस अध्यादेश के पारित होने के बाद अब अगर डॉक्टर्स या फिर दूसरे स्वास्थ्य कर्मियों पर किसी प्रकार का हमला होता है तो वह एक गैर जमानती अपराध माना जाएगा. इसमें आरोपी को 3 महीने से लेकर 7 साल तक की सजा हो सकती है.
50 हजार रुपये से लेकर पांच लाख तक का जुर्माना
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार किसी भी मेडकलकर्मी पर किसी भी तरह के अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने बताया कि अगर कीसी कर्मी की संपत्ति को किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचाया जाता है तो इसके लिए अध्यादेश में 50 हजार रुपये से लेकर पांच लाख तक के जुर्माने का प्रवाधान रखा गया है.