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घर में चल रही थी शादी की तैयारियां, तिरंगे में लिपटे पहुंचे अमित, घर के थे इकलौते सहारा

Breaking uttarakhand newsपौड़ी गढ़वाल : पौड़ी गढ़वाल के युवकों की सेना में अपनी अलग ही गाथा रही है। पौड़ी गढ़वाल के हर गांव से हर परिवार से कोई न कोई सेना में जरुर है और अब तक कईयों ने देशे के लिए कुर्बानी दी है। उनके से एक हैं पौड़ी, कल्जीखाल ब्लॉक के कोला गांव निवासी अमित…जिनकी 2019 में सगाई हुई थी और मां बहनें रिश्तेदार शादी की तैयारियां कर रहे थे लेकिन किसने पता था कि उनका बेटा तिरंगे में लिपटा पहुंचेगा।

अमित अण्थवाल का पार्थिव शरीर पहुंचा पौड़ी के रांसी स्टेडियम

रविवार को कुपवाड़ा में शहीद हुए जवान पैराशूटर कमाड़ो अमित अण्थवाल का पार्थिव शरीर आज पौड़ी के रांसी स्टेडियम पहुंचा। जहां मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। और उसके बाद पैतृक घाट ज्वालपा देवी के लिए पार्थिव शरीर को लेकर सेना और परिवार वाले रवाना हुए और अंतिम संस्कार किया।

दो बहनों के इकलौते भाई और मां-बाप का इकलौता सहारा थे अमित

बता दें कि दो बहनों के इकलौते भाई और मां-बाप का इकलौता सहारा अमित अंथवाल बीते 4 अप्रैल को घुसपैठियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए। अमित के साथ अन्य पांच जवान भी शहीद हुए। जिसमे रुद्रप्रयाग के 38 साल के देवेंद्र भी शामिल थे।

मातम में बदली घर की खुशियां

घर में खुशियों का माहौल था जो कि शोक में बदल गई।पूरा गांव शोक में डूब गया जब खबर आई कि गांव का बेटा सरहद पर शहीद हो गया. मां-बांप बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग परिवार वालों का ढांढस बंधा रहे हैं। किसान पिता चुप एक कोने में बैठे आंसू बहा रहेे हैं कि आखिर उनका बेटा कहां चला गया। आज शहीद का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा जहां लोगों ने अंतिम दर्शन किए और सीएम समेत सांसद तीरथ सिंह रावत ने अंतिम सलामी दी। जिसके बाद सैन्य सम्मान के साथ ज्वालपा देवी पैतृक घाट में अंतिम संंस्कार किया गया। शहीद को शहादत को हमेशा देश औऱ राज्य की जनता याद रखेगी। ये सबसे बड़ा बलिदान है।

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