
अब तक हनीट्रैप के कई मामले सामने आ चुके हैं लेकिन इस मामले को सुन राजनीति में हलचल मच गई है. दरअसल इस बार हनीट्रैप का शिकार दो मंत्रियों के ओएसडी हुए हैं जिनका नाम आने के बाद अब उनके ऊपर गाज गिरना तय है। मध्य प्रदेश के हाइप्रोफइल हनीट्रैप मामले की आरोपी मोनिका यादव की मानव तस्करी के केस में सीआईडी की ओर से पेश चालान में कई सनसनी खेज खुलासे हुए। चालान में बताया गया है कि प्रदेश के दो दिग्गज मंत्रियों के ओएसडी और वरिष्ठ आईएएस तक हनीट्रैप गिरोह की ब्लैकमेलिंग के शिकार हुए हैं। इसमें बड़े उद्योगपति भी फंस चुके हैं। गिरोह की ब्लैकमेलिंग के इस खेल में दो टीवी पत्रकारों ने दलाल की भूमिका निभाई। यह गिरोह लोगों को अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाते थे और अपना मनचाहा काम करवाते थे।
कभी लालच तो कभी भय दिखाकर रुतबे वाले लोगों से संबंध बनाने के लिए किया जाता मजबूर
हनीट्रैप गिरोह में मानव तस्करी कर लड़कियों को कभी लालच तो कभी डरा धमकाकर रुतबे वाले लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर जाता। इस गिरोह ने बड़े नेताओं एसीएस पीसी मीणा, खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के ओएसडी हरीश खरे और खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल के ओएसडी अरुण निगम तक को टारगेट बनाया। इनके अश्लील वीडियो बनाकर उनसे लाखों रुपए लिए और तबादले भी कराए साथ ही उद्योगपतियों का वीडियो बनाकर उनसे लाखों रुपए वसूले। ब्लैकमेलिंग के जाल में फसाने के लिए पत्रकारों ने भी भूमिका निभाई। चालान के अनुसार, गिरोह ने इन पत्रकारों की मदद से ही कुछ लोगों से बसूली की। चालान में श्वेत विजय जैन,आरती दयाल, श्वेता स्वप्निल जैन व अभिषेक को आरोपी बनाया है।
आईएएस अधिकारी भी शिकार
मिली जानकारी के अनुसार गिरोह ने पहले अश्लील वीडियो के जरिए आईएएस से एक करोड़ तो कारोबारी से कार वसूली किए। आरती के ड्राइवर देवेंद्र उर्फ दीवान सिंह प्रजापति ने सीआईडी के सामने इस बात को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि, रूपा और श्वेता विजय ने आईएएस पी.सी. मीणा, कार शो रूम के मालिक मनीष अग्रवाल और उद्योगपति नरेश सीतलानी के भोपाल एवं छतरपुर में अश्लील वीडियो बनवाए। अग्रवाल का वीडियो सागर लैंडमार्क के फ्लैट में बनाया। फिर इसी वीडियो से अग्रवाल को ब्लैकमेल करके क़रेटा कार की मांग की।
गिरोह ने आईएएस मीणा से 20 लाख और सीतलानी से 5 लाख रुपए बसूले
गिरोह ने आईएएस मीणा से 20 लाख और सीतलानी से 5 लाख रुपए बसूले। यह पैसा आरती और रूपा ने आपस में बांटा। एक अन्य आईएएस को भी गिरोह ने शिकार बनाया। उससे श्वेता विजय ने एक करोड़ रुपए बसूले। इस वसूली में पत्रकार बीरेन्द्र शर्मा ने दलाल की भूमिका निभाई। छतरपुर में स्थानीय नेता मनोज त्रिवेदी के फॉर्म हाउस पर उसके दो साथियों का भी मोनिका ने वीडियो बनाया। लेकिन ब्लैकमेल करने से पहले ही छतरपुर के टीआई ने आरती को ऐसा करने से रोक दिया।